Chamoli THDC Tunnel Collapse चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले के पीपलकोटी में टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में गुरुवार शाम बड़ा हादसा हो गया. टनल के भीतर भूस्खलन और अचानक पानी का रिसाव होने से 22 मजदूर फंस गए। एसडीआरएफ के मुताबिक, हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 14 घायलों को जिला अस्पताल गोपेश्वर में भर्ती कराया गया है। वहीं 3 मजदूर अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.
हादसे के बाद टनल के अंदर का मंजर बेहद भयावह था. मजदूरों के मुताबिक, पहले अचानक धमाके जैसी तेज आवाज सुनाई दी और कुछ ही पलों में तेज रफ्तार से पानी टनल में घुसने लगा. देखते ही देखते कई मजदूर पानी में डूबने लगे, जबकि कुछ मलबे की चपेट में आ गए.
Chamoli THDC Tunnel Collapse: अचानक टूटकर गिरा टनल का लूज हिस्सा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, टनल के भीतर मौजूद भारी लूज क्षेत्र अचानक टूटकर नीचे आ गया. इसके साथ ही ऊपरी हिस्से में जमा पानी भी बड़ी मात्रा में टनल के अंदर पहुंच गया.
मलबे और पानी के अचानक आए तेज बहाव ने मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं दिया. कुछ मजदूरों ने किसी तरह अपनी जान बचाई, जबकि कई लोग मलबे और पानी की चपेट में आ गए.
घायल मजदूरों की आंखों में अब भी हादसे का खौफ
चमोली के जिला चिकित्सालय गोपेश्वर में भर्ती घायल मजदूरों की आंखों में हादसे का डर साफ दिखाई दे रहा है. कोई धमाके जैसी आवाज को याद कर सिहर उठता है तो कोई टनल में अचानक घुसे पानी के तेज बहाव को याद कर कांप जाता है.
हादसे में कई मजदूरों को गंभीर चोटें आई हैं। किसी का जबड़ा टूट गया है तो किसी के पैर जख्मी हुए हैं. अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में घायलों का इलाज किया जा रहा है.
‘ईश्वर की कृपा से बच गया’, सबीर सिंह ने सुनाई आपबीती
पंजाब के तरनतारन जिले के 47 वर्षीय सबीर सिंह भी हादसे में घायल हुए हैं. उनका जबड़ा टूट गया है और उनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है.
हादसे को याद करते हुए सबीर सिंह ने बताया कि अचानक टनल का हिस्सा टूटा और पानी का तेज बहाव अंदर आ गया. टनल में मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। कोई इधर गिरा तो कोई उधर. उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा से वह इस भयानक हादसे में बच गए.
‘देखते ही देखते सभी मजदूर डूबने लगे’
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के 20 वर्षीय सुनील दीवान भी हादसे में घायल हुए हैं.उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त मजदूर परियोजना के पीपलकोटी साइड की ओर मौजूद थे.
सुनील के मुताबिक, सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला. देखते ही देखते पानी भरने लगा और कई मजदूर डूबने लगे. उनकी बातों में उस भयावह घटना का डर अब भी साफ महसूस किया जा सकता है.
मलबे की चपेट में आए मजदूर, पैर हुए जख्मी
झारखंड के मजदूर विनोद रुआना ने बताया कि टनल के भीतर अचानक धमाके जैसी आवाज आई और इसके बाद तेजी से पानी अंदर आने लगा. कुछ ही देर में हालात बेकाबू हो गए.
झारखंड के दीना बगैरा के दोनों पैर भी हादसे में जख्मी हुए हैं. उन्होंने भी घटना के वक्त विस्फोट जैसी आवाज सुनाई देने की बात बताई.
वहीं हिमाचल प्रदेश के घायल तिलक राज ने बताया कि टनल के करीब 1,800 मीटर के बिंदु पर जलप्रवाह आया और इसी दौरान हादसा हुआ.
सात महीने पहले भी इसी सुरंग में हुआ था हादसा
पीपलकोटी की इसी टीएचडीसी परियोजना की सुरंग में करीब सात महीने पहले भी बड़ा हादसा हुआ था. 30 दिसंबर 2025 को शिफ्ट बदलने के दौरान मजदूरों और कर्मचारियों को ले जा रही लोको ट्रेन और सामान ढोने वाली दूसरी लोको ट्रेन के बीच टक्कर हो गई थी.
उस समय ट्रेन में करीब 110 लोग सवार थे और हादसे में 88 श्रमिक घायल हुए थे. अब एक बार फिर इसी परियोजना की सुरंग में हुए हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
तीन मजदूरों की तलाश जारी
टनल हादसे के बाद राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है. एसडीआरएफ और अन्य बचाव दल मलबे और पानी के बीच फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं. फिलहाल 3 मजदूरों के लापता होने की जानकारी है.
बचाव दलों के सामने टनल के भीतर मलबा, पानी और संकरी जगह जैसी कई चुनौतियां हैं। इसके बावजूद लापता मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है.
चमोली टनल हादसे ने बढ़ाई चिंता
पीपलकोटी में हुआ यह हादसा निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजनाओं में सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ाता है. एक ही परियोजना की सुरंग में कुछ महीनों के अंतराल पर दो गंभीर घटनाएं सामने आने के बाद मजदूरों की सुरक्षा और सुरंग निर्माण के दौरान जोखिम प्रबंधन पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

