उत्तराखंड के सानिया जोशी और पार्थ वोहरा ने शंघाई में जीता रजत पदक

WorldSkills Competition 2026 देहरादून: चीन के शंघाई में 22 से 27 सितंबर 2026 तक आयोजित 48वीं वर्ल्डस्किल्स प्रतियोगिता-2026 में उत्तराखंड के दो प्रतिभाशाली युवाओं ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है. राज्य के दो प्रतिभागियों, सानिया जोशी और पार्थ वोहरा, ने अपनी-अपनी कौशल विधाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (Silver Medal) हासिल किए हैं.

Saniya Joshi, WorldSkills Competition 2026
Saniya Joshi, WorldSkills Competition 2026

WorldSkills Competition 2026 :इन श्रेणियों में जीता पदक

  • सानिया जोशी (उत्तरकाशी): रिटेल सेल्स (Retail Sales) में रजत पदक.

  • पार्थ वोहरा (देहरादून): औद्योगिक डिजाइन तकनीकी कौशल (Industrial Design Technology) में रजत पदक.

WorldSkills Competition 2026, Parth Vohra
WorldSkills Competition 2026, Parth Vohra

मुख्यमंत्री और कौशल विकास मंत्री ने दी बधाई

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और कौशल विकास एवं सेवायोजन मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने दोनों विजेताओं को बधाई और शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के इतने प्रतिष्ठित मंच पर उत्तराखंड के युवाओं द्वारा पदक जीतना पूरे राज्य के लिए गर्व की बात है. यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवाओं को भी अपने कौशल को निखारने और उत्कृष्टता की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी.

वर्ल्डस्किल्स 2026 में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन

उत्तराखंड कौशल विकास समिति के परियोजना निदेशक श्री नरेंद्र सिंह भंडारी ने बताया कि वर्ल्डस्किल्स को कौशल विकास के क्षेत्र में ‘ओलंपिक’ के समान माना जाता है. इस बार शंघाई में आयोजित प्रतियोगिता में दुनिया भर के लगभग 1,400 प्रतिभागियों ने 64 विभिन्न कौशल विधाओं में भाग लिया.

भारत ने इस प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए 8 रजत पदक और 20 ‘मेडलियन्स फॉर एक्सीलेंस’ हासिल किए. पदक तालिका में भारत ने विश्व स्तर पर 10वां स्थान प्राप्त किया, जो वर्ल्डस्किल्स इतिहास में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है.

कड़ी मेहनत से तय किया शंघाई तक का सफर

सानिया जोशी और पार्थ वोहरा ने इस मुकाम तक पहुँचने के लिए ‘इंडियास्किल्स’ की राज्य, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर की कठिन प्रतियोगिताओं को पार किया. इस यात्रा में उत्तराखंड कौशल विकास समिति, राज्य कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग तथा राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) ने दोनों प्रतिभागियों को विश्वस्तरीय बूट-कैंप, अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण, यात्रा और अन्य सभी आवश्यक व्यवस्थाओं में पूर्ण सहयोग प्रदान किया.

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