काठमांडू: नेपाल में 25 अगस्त को आई प्रलयंकारी बाढ़ और भूस्खलन के चार दिन बाद भी स्थितियां काबू में नहीं आ सकी हैं। मलबे के कारण कई जगहों पर पानी जमा होकर अस्थायी झीलें बन गई हैं, जिससे दोबारा तबाही का खतरा बना हुआ है। अब तक नेपाल और तिब्बत को मिलाकर 586 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि लगभग 2,500 लोग अभी भी गायब हैं। इन लापता लोगों में 320 भारतीय नागरिक शामिल हैं, जिनमें प्रमुख आईटी कंपनी इंफोसिस की सब्सिडियरी फर्म 'इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज' के सीईओ (CEO) लक्स गोपीसेट्टी भी शामिल हैं। तबाही के बाद से ही उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है।
सीईओ की सलामती के लिए जुटी इंफोसिस, एजेंसियों से साधा संपर्क
कंपनी ने अपने शीर्ष अधिकारी के लापता होने पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि लक्स गोपीसेट्टी नेपाल यात्रा पर गए हुए थे। जिस दिन वहां बाढ़ आई, उसी समय से उनका फोन बंद है और उनसे कोई संपर्क नहीं हो सका है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उनकी टीम स्थानीय प्रशासन और राहत-बचाव एजेंसियों के साथ मिलकर लगातार जानकारी जुटाने में लगी है। कंपनी इस कठिन परिस्थिति में पूरी तरह से उनके परिजनों के साथ खड़ी है। गोपीसेट्टी इंफोसिस में ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट के पद पर भी रह चुके हैं और वे सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं को डिजिटल तकनीक व रणनीतिक बदलावों पर सलाह देते हैं।
320 भारतीय गायब, 400 तिब्बत क्षेत्र में फंसे
बाढ़ के कारण नेपाल और तिब्बत के इलाकों में हालात बेहद दर्दनाक हैं। लापता 2,500 लोगों में से 320 भारतीय बताए जा रहे हैं, जबकि लगभग 400 भारतीय नागरिक तिब्बत की ओर फंसे हुए हैं। भारत सरकार की ओर से पड़ोसी देश नेपाल के लिए राहत सामग्री और आपातकालीन सहायता भेजी जा रही है। नुवाकोट जिले के देवीघाट समेत कई प्रभावित गांवों में हर तरफ मलबा, गाद और कीचड़ फैला हुआ है, जहाँ जिंदा बचे लोग अपने तबाह हो चुके आशियाने से बचा हुआ सामान समेटने की कोशिश कर रहे हैं।

