Jharkhand Naxal List 2026 रांची : झारखंड में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के खिलाफ सुरक्षा बलों के लगातार चलाए जा रहे अभियानों और शीर्ष नक्सलियों के आत्मसमर्पण-गिरफ्तारी के बाद राज्य में लाल आतंक अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है. सुरक्षा एजेंसियों की नवीनतम वांटेड सूची में अब केवल छह प्रमुख इनामी माओवादी ही बचे हैं,जिनपर कुल 55 लाख रुपये का इनाम घोषित है.
इन बचे हुए वांटेड माओवादियों में सबसे बड़ा नाम नितेश यादव उर्फ इरफान का है, जिस पर अकेले 15 लाख रुपये का इनाम घोषित है.
Jharkhand Naxal List 2026:बूढ़ा पहाड़ और सारंडा से माओवादियों का सफाया
सुरक्षा बलों की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, चिन्हित इनामी माओवादियों में से अधिकांश का संबंध लातेहार, पलामू और गढ़वा जिलों से रहा है. पूर्व में इन उग्रवादियों का मुख्य गढ़ शंख-कोयल जोन और कुख्यात ‘बूढ़ा पहाड़’ क्षेत्र हुआ करता था.
बूढ़ा पहाड़ में सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए कड़े अभियानों के बाद संगठन के सदस्य भागकर सारंडा के जंगलों की ओर रुख कर गए थे. हालांकि, अब सारंडा क्षेत्र में भी माओवादियों का शीर्ष ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है. नक्सली कमांडर सचिन के आत्मसमर्पण और हाल ही में ₹1 करोड़ के इनामी माओवादी आकाश की गिरफ्तारी के बाद सारंडा और आसपास के इलाकों में संगठन का कोई बड़ा चेहरा नहीं बचा है. अब सुरक्षा एजेंसियों का पूरा ध्यान बचे हुए इन 6 इनामी नक्सलियों की तलाश पर केंद्रित है.
झारखंड में बचे 6 इनामी माओवादियों की सूची:
नितेश यादव उर्फ इरफान उर्फ नन्दू उर्फ किरानी
इनाम: ₹15 लाख
पद: रीजनल कमेटी सदस्य (RCM)
पता: ग्राम तरवाडीह, थाना डुमरिया, जिला गया (बिहार)
मनोहर गंझू उर्फ सोहन उर्फ दिनेश
इनाम: ₹10 लाख
पद: जोनल कमेटी सदस्य (ZCM)
पता: ग्राम नगराटोला हेम्बरवार, बालूमाथ, जिला लातेहार (झारखंड)
गोदराय यादव उर्फ संजय यादव
इनाम: ₹10 लाख
पद: जोनल कमेटी सदस्य (ZCM)
पता: ग्राम देवगन, थाना छतरपुर, जिला पलामू (झारखंड)
पंकज कोरवा उर्फ पटेल कोरवा
इनाम: ₹5 लाख
पद: सब-जोनल कमेटी सदस्य (SZC/SZDM)
पता: ग्राम झिंगुरा, थाना रंका, जिला गढ़वा (झारखंड)
राजू भुइयां
इनाम: ₹5 लाख
पद: सब-जोनल कमेटी सदस्य (SZC)
पता: ग्राम लावाही, थाना डंडई, जिला गढ़वा (झारखंड)
झारखंड में उग्रवादी नक्सल का सफाया
झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों (CRPF) के समन्वय से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन नवजीवन’ व अन्य अभियानों के चलते माओवादी लगातार आत्मसमर्पण कर रहे हैं या पकड़े जा रहे हैं. पुलिस का मानना है कि बचे हुए छह नक्सलियों के पकड़े जाने या सरेंडर करने के साथ ही झारखंड को नक्सल-मुक्त घोषित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल होगी.

