Flydubai hijack plot दुबई/तेल अवीव: फ्लाई-दुबई (Flydubai) के विमान में हुई हाईजैकिंग की कोशिश ने मध्य पूर्व समेत पूरे उड्डयन जगत में हड़कंप मचा दिया है. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने इस गंभीर मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं. जांच एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या इस घटना के पीछे किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन का हाथ था और क्या यह 9/11 जैसे किसी बड़े हमले को अंजाम देने की साजिश थी. इस घटना के संबंध में एक चश्मदीद महिला ने बताया
🔥🚨 JUST IN — A FlyDubai passenger just walked through what he saw when the co-pilot stabbed the captain and tried to take the jet.
“I was standing at the front and there was already gentlemen fighting with the terrorist and trying to stabilize the pilot.”
“I noticed the… pic.twitter.com/oqBm1g0yML
— The Patriot Oasis™ (@ThePatriotOasis) October 1, 2026
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल सुरक्षा नियमों को लेकर उठ रहा है—आखिर ओमान का नागरिक होने के बावजूद यह पायलट तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में कैसे तैनात हुआ?
Flydubai hijack plot:अब्राहम एकॉर्ड के नियमों पर उठे सवाल
वर्ष 2020 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए अब्राहम एकॉर्ड (Abraham Accords) के तहत यूएई और इजरायल के बीच राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे. इस समझौते के सुरक्षा नियमों के अनुसार, यूएई से इजरायल के लिए उड़ान भरने वाले विमानों में केवल उन्हीं देशों के पायलट तैनात हो सकते हैं, जिनके इजरायल के साथ सामान्य या राजनयिक संबंध हैं.
चूंकि ओमान के इजरायल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, इसलिए ओमानी नागरिक का इस रूट पर विमान उड़ाना सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े करता है. जानकारी के अनुसार, आरोपी ओमानी पायलट ने करीब 8 महीने पहले ही फ्लाई-दुबई एयरलाइंस जॉइन की थी. उसके बारे में बताया जा रहा है कि वह कट्टरपंथी विचारधारा का था और महिलाओं से हाथ मिलाने तक से परहेज करता था.
‘विमान को सुसाइड प्लेन बनाने की थी कोशिश’: पीएम नेतन्याहू
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना की तुलना 9/11 के आतंकी हमलों से की है. नेतन्याहू ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि ओमानी पायलट इस फ्लाई-दुबई विमान को सुसाइड प्लेन में बदलने की कोशिश कर रहा था.जब वह दोनों पायलट सीटों के बीच बैठकर विमान का पूरा सिस्टम जाम कर रहा था, तब कॉकपिट में मौजूद भारतीय पायलट ने अदम्य साहस का परिचय दिया.”
नेतन्याहू के अनुसार, भारतीय पायलट ने कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक किया, जिसके बाद विमान में सवार एक इजरायली प्लंबर और अन्य पायलट कॉकपिट के अंदर दाखिल हो सके. इजरायली यात्री ने हमलावर ओमानी पायलट को पीछे से दबोच लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया.
धारदार औजार और ईरान प्रॉक्सी का शक
इजरायली पीएम ने एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर भी कड़े सवाल उठाए हैं.उन्होंने पूछा कि जब सभी यात्री और क्रू सख्त मेटल डिटेक्टर जांच से गुजरते हैं, तो यह ओमानी पायलट कॉकपिट के अंदर धारदार औजार ले जाने में कैसे कामयाब हुआ?
नेतन्याहू ने यह आशंका भी जताई कि इस घटना के पीछे ईरान अपने प्रॉक्सी संगठनों के जरिए हाथ रख सकता है.फिलहाल आरोपी पायलट से सऊदी अरब में पूछताछ की जा रही है,जिसके बाद उसे दुबई भेजा जाएगा.दुबई में यूएई एजेंसियों के साथ-साथ इजरायल की खुफिया व सुरक्षा एजेंसियां भी उससे सीधे पूछताछ करेंगी.
यूएई सरकार इस जांच में पूरा सहयोग दे रही है और एहतियात के तौर पर इजरायल जाने वाली सभी उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है.

