दिल्ली (दिल्ली)। राजधानी की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले और बिना किसी खौफ के वाहन चलाने वाले लापरवाह चालकों पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने अब शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। स्थिति यह है कि कुछ वाहन ऐसे भी हैं जिनके नाम पर 800 से अधिक चालान दर्ज होने के बावजूद वे सड़कों पर बेखौफ दौड़ रहे हैं। ऐसे आदतन नियम तोड़ने वालों पर लगाम कसने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने उनके ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को निलंबित या रद्द कराने की सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके तहत पश्चिमी जिला ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे चार कुख्यात चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस 6-6 महीने के लिए निलंबित करवा दिए हैं, जिनमें से दो लाइसेंस सोमवार को ही छह महीने के लिए सस्पेंड किए गए हैं।
सड़क सुरक्षा बढ़ाने और लापरवाह ड्राइविंग पर लगाम
पश्चिमी रेंज के पुलिस उपायुक्त रणवीर सिंह ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, खतरनाक एवं गैर-जिम्मेदाराना ड्राइविंग पर रोक लगाने और बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह सख्त कार्रवाई मुख्य रूप से तिलक नगर ट्रैफिक सर्कल, राजौरी गार्डन ट्रैफिक सर्कल और पंजाबी बाग ट्रैफिक सर्कल के अंतर्गत लागू की गई है। पश्चिमी जिले के एसीपी नीरज कुमार के मार्गदर्शन में शराब पीकर गाड़ी चलाने (ड्रंकन ड्राइविंग), खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, रेड लाइट जंप करने, बिना हेलमेट के चलने, दोपहिया वाहन पर ट्रिपलिंग करने और रॉन्ग साइड (गलत दिशा में) वाहन चलाने वालों के विरुद्ध ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे आदतन अपराधियों के खिलाफ दो प्रमुख स्तरों पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
रोहिणी कोर्ट के माध्यम से लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई
कार्रवाई के पहले चरण के तहत, मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) की धारा 24 के अंतर्गत आदतन चालकों के चालान सीधे अदालत में प्रस्तुत किए जाते हैं। पश्चिमी जिला पुलिस ने ऐसे 79 चालकों की सूची बनाकर रोहिणी कोर्ट को भेजी हुई है, जिसमें से शुरुआती दौर में चार चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस छह-छह महीने के लिए निलंबित किए जा चुके हैं। माननीय न्यायालय के इन आदेशों के बाद अब संबंधित चालकों के ये लाइसेंस छह माह की अवधि के लिए संबंधित परिवहन प्राधिकरण (ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी) में जमा करवा दिए जाएंगे।
लाइसेंसिंग अथॉरिटी (DTO) के जरिए डीटीओ सेल की कार्रवाई
दूसरी प्रक्रिया के अंतर्गत, पुलिस मोटर वाहन अधिनियम की धारा 19 का उपयोग करते हुए इस प्रकार के लापरवाह चालकों के चालान सीधे लाइसेंसिंग अथॉरिटी (DTO) को प्रेषित कर रही है। इस श्रेणी में अब तक 19 चालकों के खिलाफ लिखित शिकायत भेजी जा चुकी है। डीटीओ का डीएल-सस्पेंशन सेल इन सभी मामलों की समीक्षा कर इन चालानों के आधार पर लाइसेंस रद्द या निलंबित करने की कार्रवाई करेगा। इस प्रक्रिया के तहत सबसे पहले लाइसेंस धारकों को एक औपचारिक 'कारण बताओ नोटिस' (Show Cause Notice) जारी किया जाता है, जिससे उन्हें अपना स्पष्टीकरण देने का अवसर मिलता है। इसके पश्चात, विशेष रूप से शराब पीकर वाहन चलाने वाले (ड्रंकन ड्राइविंग के दोषी) दो व्यक्तियों के ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए सस्पेंड किए जाने का प्रावधान है।
विशेष पुलिस आयुक्त का बयान और अन्य राज्यों को सूचना
यातायात नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले ऐसे मामलों में कड़ी और उचित कानूनी कार्रवाई करने की यह पहल पश्चिमी जिला ट्रैफिक पुलिस द्वारा बड़े स्तर पर शुरू कर दी गई है। इसके लिए दिल्ली स्थित डीटीओ डीएल सस्पेंशन सेल के साथ-साथ पूरे भारत की उन तमाम संबंधित लाइसेंसिंग अथॉरिटीज को भी आधिकारिक रूप से लिखित सूचना भेज दी गई है, जहां से इन नियम-उल्लंघकर्त्याओं ने अपने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाए थे। इस संबंध में विशेष पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक डिवीजन, दिल्ली पुलिस) अजय चौधरी ने पुष्टि करते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान आगे भी कड़ाई से जारी रहेगा।

