आदिवासी एक्टिविस्ट निशा कुमारी भगत Nisha Kumari Bhagat के माता-पिता ने उनकी मौत के पीछे साजिश का आरोप लगाया है और घटना की CBI जांच की मांग की है. निशा कुमारी भगत की मौत रांची में हुई पुलिस ने उसे कथित तौर पर आत्महत्या बताया है.
निशा ने हेमंत सोरेन सरकार पर लगाया था परेशान करने का आरोप
शुक्रवार को अपनी मौत से पहले, भगत ने पिठोरिया पुलिस स्टेशन की सीमा में अपने घर से फेसबुक पर लाइव होकर हेमंत सोरेन की राज्य सरकार और ज़मीन के दलालों पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया.
मेरी बेटी को मरने के लिए मजबूर किया गया- निशा की मां
उसकी माँ, देविका भगत ने आरोप लगाया कि आदिवासी नेता अजय तिर्की और उसके साथियों के दबाव और धमकियों के कारण उनकी बेटी को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा.
उन्होंने आरोप लगाया, “तिर्की और उसके साथियों की साज़िश के तहत मेरी बेटी को मरने के लिए मजबूर किया गया. उसने फांसी लगाकर जान नहीं दी, क्योंकि उसे छत्तीसगढ़ जाना था. उसे तिर्की से धमकियाँ मिल रही थीं. उन्होंने मेरी बेटी पर बहुत ज़्यादा दबाव डाला, और आखिरकार उसने ऐसा कदम उठा लिया.”
उन्होंने शनिवार को कहा, “मेरे पास अभी शब्द नहीं हैं, लेकिन मुझे अपनी बेटी के लिए न्याय चाहिए. मैं पूरे मामले की CBI जांच की मांग करती हूँ.”
मैं अपनी बेटी की मौत की हाई-लेवल CBI जांच की मांग करता हूं- निशा के पिता
निशा के पिता, हंडू भगत ने भी CBI जांच की मांग की, उनका आरोप है कि उनकी बेटी ने अपने आखिरी Facebook Live सेशन में पिठोरिया पुलिस स्टेशन इंचार्ज और अजय तिर्की समेत कई लोगों का नाम लिया था.
उन्होंने कहा, “हमने इन लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज कराई है. अभी तक, ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है कि एडमिनिस्ट्रेशन ने कोई एक्शन लिया है. मैं अपनी बेटी की मौत की हाई-लेवल जांच की मांग करता हूं. जांच CBI को करनी चाहिए क्योंकि इसमें हाई-प्रोफाइल लोग शामिल हैं.”
उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय उनकी बेटी के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ेगा.
बड़ी साज़िश थी और Nisha Kumari Bhagat को सुसाइड के लिए मजबूर किया गया- बाबूलाल मरांडी
झारखंड के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और गुमला से JMM MLA भूषण तिर्की उन लोगों में शामिल थे जिन्होंने एक्टिविस्ट को आखिरी श्रद्धांजलि दी.
उन्होंने कहा, “निशा आदिवासी समाज की बेटी थी. समाज उसके इंसाफ के लिए लड़ेगा.”
मरांडी ने रिपोर्टर्स से कहा, “ऐसा लगता है कि कोई बड़ी साज़िश थी और निशा को सुसाइड के लिए मजबूर किया गया. अगर पुलिस एडमिनिस्ट्रेशन ने समय पर एक्शन लिया होता, तो शायद उसे बचाया जा सकता था. लैंड माफिया और एडमिनिस्ट्रेशन ने उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर किया.”
उन्होंने कहा, “राज्य में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति लगातार बिगड़ रही है, यह गंभीर चिंता की बात है. मैं पिठोरिया पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज और अजय तिर्की को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग करता हूं. मैं यह भी मांग करता हूं कि पूरे मामले की CBI से जांच हो.”
उन्होंने लैंड माफिया पर आदिवासी ज़मीन पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा करने का आरोप लगाया.
मरांडी ने आरोप लगाया, “इन सभी घटनाओं के लिए राज्य सरकार ज़िम्मेदार है. अगर मुख्यमंत्री क्रिमिनल्स को कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफ़ा दे देना चाहिए.”
आदिवासी बेटी और परिवार को न्याय मिलना चाहिए- JMM MLA भूषण तिर्की
JMM MLA भूषण तिर्की ने कहा, “इस घटना से पूरा आदिवासी समुदाय हैरान है क्योंकि हमने अपनी बेटी खो दी है. अगर किसी पर आरोप लग रहे हैं, तो मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.”
इस राज्य में ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी. लेकिन यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसा हुआ. उन्होंने कहा कि आदिवासी बेटी और परिवार को न्याय मिलना चाहिए.
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