Monday, June 29, 2026
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Mayawati: बीजेपी को मिला बीएसपी का साथ, ट्वीट कर गहलोत सरकार की 500 रुपय में गैस योजना को बताया छलावा

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BSP Supremo Mayawati File Photo
BSP Supremo Mayawati File Photo

पिछले लंबे समय से राष्ट्रीय मीडिया मे खबरों से दूर रही बीएसपी प्रमुख मायावती एक बार फिर से सुर्खियां बना रही है. संसद के उद्घाटन के समय विपक्षी पार्टियों के विरोध के बीच मायावती ने सरकार का साथ देकर ये इशारा दिया कि वो सत्ताधारी दल के साथ हैं. अब ये बात खुल कर सामने आ गई है कि बीएसपी प्रमुख मायावती राष्ट्रीय राजनीति में बीजेपी के साथ और विपक्षी दलो के खिलाफ हैं.
बीएसपी प्रमुख मायावती ने गुरुवार को राजस्थान चुनाव के संदर्भ में एक के बाद एक कई ट्वीट किया हैं. इसमें मायावती ने गहलोत सरकार के 500 रुपए में गैस सिलेंडर, 5 किलो का महंगाई राहत राशन, 100 यूनिट बिजली जैसी योजनाओं को चुनावी छलावा बताया है.

मायावती ने राजस्थान सरकार पर साधा निशाना

बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने एक के बाद एक किया अपने तीन ट्वीट में लिखा, “राजस्थान में विधानसभा आम चुनाव के नजदीक अब वहाँ की कांग्रेस सरकार द्वारा 500 रूपए में रसोई गैस व 100 यूनिट फ्री बिजली देने आदि की घोषणा स्पष्टतः चुनावी छलावा नहीं तब और क्या? जबकि बढ़ती महंगाई के मद्देनजर इनको ये कार्य सरकार बनने के प्रारंभ में पांच साल पहले कर देना चाहिए था.”

मायावती के निशाने पर चुनाव में जाने वाले चारों राज्य

मायावती ने अपने दूसरे ट्वीट में गेहलोत सरकार के साथ ही कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार, बीजेपी की मध्य प्रदेश सरकार और बीआरएस की तेलंगाना सरकार को भी आड़े होतों लिया है. मायावती ने लिखा, “राजस्थान की तरह ही जनहित व जनकल्याण कार्यों में विफल रही छत्तीसगढ़ की कांग्रेस, मध्य प्रदेश की भाजपा व तेलंगाना की बीआरएस सरकार विधानसभा चुनाव के नजदीक अपनी सरकार को बचाने हेतु अनेकों प्रलोभनों व भ्रामक विज्ञापनों आदि के छलावे का सहारा ले रही हैं जबकि जनता इनसे ऊब चुकी है.“
मायावती ने अपने आखिरी ट्वीट में भी चोरों चुनावी राज्यों की सरकारों पर काम नहीं करने का आरोप लगाया. मायावती ने लिखा “उपरोक्त चारों राज्यों की जनता ने इन पार्टियों की सरकार को, चुनावी वादे के मुताबिक, महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ापन आदि दूर करने एवं राज्य का अपेक्षित विकास करने का भरपूर मौका दिया, किन्तु इन पार्टियों की सरकारों ने जनता के हित की अनदेखी की व उनके साथ विश्वासघात किया.“


वैसे तो अपने ट्वीट में मायावती ने चारों चुनाव में जाने वाले राज्यों को आड़े हाथों लिया है. लेकिन इन चार में से तीन राज्य गैर बीजेपी सरकारों के होने के चलते मायावती के इस ट्वीटस् को विपक्षी एकता के खिलाफ बीजेपी के करीब जाने की उनकी कोशिश के तौर पर देखा जा कहा है.