China Military Shakeup :चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में एक बार फिर बड़े स्तर पर प्रशासनिक और सैन्य फेरबदल हो रहा है.देश की सर्वोच्च विधायी संस्था नेशनल पीपल्स कांग्रेस (NPC) ने छह सैन्य सांसदों सहित कुल आठ वरिष्ठ नेताओं को उनके पदों से हटा दिया है। इस कार्रवाई की जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने दी है। हालांकि सबसे बड़ी बात यह है कि हटाने की आधिकारिक वजह अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम राष्ट्रपति शी जिनपिंग के लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का हिस्सा हो सकता है. वहीं कुछ विशेषज्ञ इसे चीन की सेना के भीतर अनुशासन मजबूत करने और संभावित अंदरूनी असंतोष पर नियंत्रण की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं.
China Military Shakeup: हटाए गए नेताओं में बड़े नाम शामिल
नेशनल पीपल्स कांग्रेस की स्टैंडिंग कमेटी द्वारा जारी नोटिस के अनुसार हटाए गए नेताओं में पूर्व वित्तीय नियामक प्रमुख ली युंझे और पोलित ब्यूरो के सदस्य मा शिंगरुई भी शामिल हैं. मा शिंगरुई हाल के दिनों में जांच के दायरे में आए थे.
हालांकि नोटिस में किसी भी अधिकारी को हटाने का कारण नहीं बताया गया. चीन के रक्षा मंत्रालय से भी इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
छह सैन्य सांसदों को भी हटाया गया
सबसे अधिक चर्चा छह सैन्य सांसदों को हटाए जाने को लेकर हो रही है. इनमें सबसे प्रमुख नाम जनरल शू श्युछियांग का है. वे सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के इक्विपमेंट डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रमुख थे. यह विभाग चीन की सेना के लिए हथियारों और सैन्य उपकरणों के विकास, खरीद और परीक्षण का जिम्मा संभालता है.
जनरल शू वर्ष 2022 से चीन के मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के कमांडर-इन-चीफ भी रहे हैं. ऐसे में उनका पद से हटाया जाना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इन अधिकारियों की भी हुई छुट्टी
हटाए गए अन्य सैन्य अधिकारियों में शामिल हैं—
जनरल ली फेंगबियाओ – वेस्टर्न थिएटर कमांड के पॉलिटिकल कमिश्नर
जनरल गुओ पुक्षियाओ – पीएलए एयरफोर्स के पॉलिटिकल कमिश्नर
वांग कांगपिंग – ईस्टर्न थिएटर कमांड
झांग मिंगहुआ – साइबरस्पेस फोर्स
यिन होंगशिंग – पीएलए आर्मी
इन सभी के सांसद पद समाप्त कर दिए गए हैं।
भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का नया चरण?
राष्ट्रपति शी जिनपिंग पिछले कई वर्षों से चीन में व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चला रहे हैं. इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों, मंत्रियों और शीर्ष सैन्य जनरलों के खिलाफ जांच हुई है तथा अनेक अधिकारियों को उनके पदों से हटाया जा चुका है.
विशेषज्ञों का कहना है कि सेना के हथियार खरीद विभाग और सैन्य नेतृत्व में लगातार हो रही कार्रवाई इस बात का संकेत है कि बीजिंग सैन्य व्यवस्था में किसी भी तरह की अनियमितता को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है.
क्या सेना के भीतर बढ़ रही है बेचैनी?
हालांकि चीन सरकार ने इस कार्रवाई को लेकर कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि इतने बड़े पैमाने पर वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाया जाना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं माना जाता.
कुछ विश्लेषकों के अनुसार यह कदम भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का विस्तार हो सकता है, जबकि अन्य इसे सेना के भीतर अनुशासन बनाए रखने और संभावित सत्ता संघर्ष पर नियंत्रण के संकेत के रूप में देख रहे हैं. हालांकि इन अटकलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
अधिकारियों की ओर से भी नहीं आया कोई बयान
रिपोर्टों के अनुसार जिन अधिकारियों को हटाया गया है, उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन कोई भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हो सका. उनकी ओर से भी अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
चीन की नेशनल पीपल्स कांग्रेस देश की सर्वोच्च विधायी संस्था है और उसके सदस्यों को हटाया जाना केवल राजनीतिक ही नहीं बल्कि सैन्य और प्रशासनिक दृष्टि से भी बड़ा संकेत माना जाता है. ऐसे समय में जब चीन अपनी सैन्य क्षमता और वैश्विक प्रभाव को लगातार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, शीर्ष स्तर पर हुए ये बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी करीबी नजरों से देखे जा रहे हैं.





