New EV Policy Delhi नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि 1 जुलाई से दिल्ली की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी लागू की जाएगी. इस नई नीति का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना और राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण करना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार दिल्ली को देश की “EV कैपिटल” बनाने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है. इसके लिए नई नीति में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को आकर्षक सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन देने की तैयारी की गई है.
New EV Policy Delhi: इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर मिलेगी सब्सिडी
नई EV पॉलिसी के तहत सरकार इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और अन्य पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर आर्थिक सहायता देने की योजना बना रही है. इससे पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना अधिक किफायती हो सकेगा.
हालांकि सरकार ने अभी सब्सिडी की राशि और पात्रता संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देश सार्वजनिक नहीं किए हैं. इनका विस्तृत विवरण नीति लागू होने के साथ जारी किया जा सकता है.
दिल्ली को बनाया जाएगा EV कैपिटल- रेखा गुप्ता, सीएम
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ाना नहीं, बल्कि दिल्ली को देश की इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का सबसे बड़ा केंद्र बनाना है. इसके लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार, निजी निवेश को बढ़ावा और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा.
सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से राजधानी में ईंधन की खपत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी.
प्रदूषण से निपटने में मिलेगी मदद
दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या का सामना कर रही है. विशेषज्ञों के अनुसार, वाहनों से निकलने वाला धुआं राजधानी के प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है. ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और लोगों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
सरकार का दावा है कि नई EV पॉलिसी राजधानी के पर्यावरण सुधार और सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी.
लोगों और उद्योग दोनों को मिलेगा लाभ
नई नीति लागू होने के बाद आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ ऑटोमोबाइल उद्योग, चार्जिंग स्टेशन संचालकों और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है. इससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में निवेश बढ़ सकता है और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं.
जल्द जारी होंगे विस्तृत दिशा-निर्देश
सरकार की ओर से फिलहाल नई EV पॉलिसी के प्रमुख उद्देश्यों की घोषणा की गई है। सब्सिडी की राशि, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और अन्य प्रावधानों से जुड़ी विस्तृत जानकारी 1 जुलाई को नीति लागू होने के साथ या उसके बाद आधिकारिक रूप से जारी किए जाने की संभावना है.





