गाजियाबाद के विजयनगर पुलिस की कस्टडी (Police Custody Death) में एक युवक की मौत का मामला सामने आया है . युवक के परिजनों ने आज विजयनगर पुलिस थाने में जमकर हंगामा किया. परिजनों का कहना था कि उनके बेटे दिलशाद को विजय नगर पुलिस सुबह किसी पूछताछ लिए लेकर आई , जिसके बाद घरवालों ने जब पूछताछ तो पता लगा कि उसे इंदिरापुरम चौकी में पुलिस ने बुलाया था. जिसके बाद विजय नगर थाने की पुलिस उसको पूछताछ के लिए अपने साथ इंदिरापुरम चौकी ले गए और उसके साथ इतनी मारपीट की उसकी मौत (Police Custody Death) हो गई.
पुलिस ने बताया एक्सीडेंट में मौत
इसके बाद पुलिस ने इसकी सूचना घरवालों को दी. घरवालों द्वारा थाने पर पूछताछ की गई तो पता लगा कि जब पुलिस पूछताछ के लिए दिलशाद को अपने साथ लेकर आई थी, उसी दौरान एक ट्रक ने कार में टक्कर मारी जिसके बाद दिलशाद को चोट आई और उससे उसकी मौत हो गई. घरवालों के मुताबिक दिलशाद की मौत पुलिस कस्टडी (Police Custody Death) में हुई है . एक्सीडेंट में कोई भी चोट के निशान निकले भयंकर नहीं है जिससे उसकी एक्सीडेंट में मौत हो गई हो.
दिलशाद के आलावा कोई और घायल क्यों नहीं ?-परिजन
घरवालों के मुताबिक जिस ट्रक से एक्सीडेंट की बात पुलिस बता रही है वह ट्रक सुबह से वहीं पर खड़ी है . अगर एक्सीडेंट होता तो और भी पुलिसकर्मी घायल होते जबकि कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ,क्योंकि एक्सीडेंट हुआ ही नहीं. सिर्फ दिलशाद घायल बताए जा रहा है जिसमें उसकी मौत हो गई है.
पुलिस ने बताया कि जिस समय पुलिस दिलशाद को पूछताछ के लिए लेकर आ रही थी उसी दौरान कार में पीछे से एक ट्रक ने टक्कर मार दी. घायल दिलशाद को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई. पुलिस ने ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है.
दिलशाद की मौत से एक बार फिर से ये मामला सामने आ गया है कि पुलिस की कस्टडी में अगर आरोपी सुरक्षित नहीं है तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा ?





