Saturday, July 4, 2026
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दिल्ली दंगा साजिश केस में उमर खालिद-शरजील इमाम को झटका,जमानत याचिका खारिज

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Sharjeel-Umar's bail plea rejected
Sharjeel-Umar's bail plea rejected

Sharjeel-Umar’s bail plea rejected : नई दिल्ली: पिछले 5 साल से दिल्ली दंगा 2020 के साजिश के मामले में गिरफ्तार आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है. दोनो आरोपियों ने  गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दर्ज मामले में राहत की मांग करते हुए ट्रायल कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन अदालत ने उनकी याचिका स्वीकार नहीं की.

Sharjeel-Umar’s bail plea rejected : UAPA के तहत दर्ज है मामला

यह मामला FIR 59/2020 से जुड़ा है, जिसे फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान कथित बड़ी साजिश की जांच के लिए दर्ज किया गया था. इस मामले में आरोपियों के खिलाफ UAPA के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा चल रहा है.

दिल्ली पुलिस का क्या है आरोप?

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल का आरोप है कि CAA (नागरिकता संशोधन अधिनियम) के विरोध में चल रहे प्रदर्शनों की आड़ में सुनियोजित तरीके से सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कथित साजिश रची गई थी. जांच एजेंसी का कहना है कि इसी कथित साजिश के चलते उत्तर-पूर्वी दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई, जिसमें कई लोगों की जान गई और भारी संपत्ति का नुकसान हुआ.

कोर्ट से फिलहाल नहीं मिली राहत

कड़कड़डूमा कोर्ट के इस फैसले के बाद उमर खालिद और शरजील इमाम को फिलहाल नियमित जमानत नहीं मिल सकी है. दोनों आरोपियों के खिलाफ ट्रायल की प्रक्रिया जारी रहेगी. यह मामला लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया में है और इससे जुड़े कई आरोपियों के खिलाफ सुनवाई अलग-अलग चरणों में चल रही है.

क्या है FIR 59/2020?

FIR 59/2020 दिल्ली दंगों की कथित बड़ी साजिश से जुड़ा प्रमुख मामला माना जाता है. इस केस में दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि हिंसा कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि इसके पीछे पूर्व नियोजित साजिश थी. हालांकि, आरोपियों ने इन आरोपों से इनकार किया है. मामले की सुनवाई अभी जारी है और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा ट्रायल के बाद ही लिया जाएगा.

 अब तक कितनी बार खारिज हो चुकी है उमर खालिद और शरजिल इमाम की याचिका

इससे पहले भी उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिकाएं 5 से 6 बार अलग-अलग अदालतों से खारिज किये जा चुका है.

2022 में  ट्रायल कोर्ट (दिल्ली सेशंस कोर्ट) ने जमानत याचिका खारिज किया.
अक्टूबर 2022 में UAPA के तहत मामला दर्ज होने के कारण दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत याचिका खारिज की.

सितंबर 2025: दिल्ली हाईकोर्ट ने फिर खारिज किया (उमर खालिद समेत अन्य की याचिकाएँ)

जनवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया (5 अन्य को जमानत मिली, लेकिन उमर और शरजील को नहीं).

अप्रैल 2026: सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन भी खारिज.

मई 2026: दिल्ली कोर्ट ने अंतरिम जमानत (माँ-चिकित्सा/अन्य कारणों से) खारिज की।

जुलाई 2026: दिल्ली कोर्ट (कड़कड़डूमा) ने नई रेगुलर जमानत याचिका खारिज की. 

आपको बता दें कि दिल्ली के जवाहर लाल नेहरु विश्व विद्यालय (JNU) के छात्र उमर खालिद और शरजिल इमाम इस समय दिल्ली के तिहार जेल में बंद हैं. इन दोनों की गिरफ्तारी के  (शरजील इमाम: जनवरी/फरवरी 2020, उमर खालिद: सितंबर 2020) लगभग 6 साल पूरे हो चुके हैं.पुलिस ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि दोनों आरोपियों  ने CAA-NRC विरोधी प्रदर्शनों के दौरान साजिश रची, भाषण दिए और हिंसा भड़काई. हलांकी दोनों आरोपी इन आरोपों से इनकार करते हैं. फिलहाल 6 साल बीत जाने के बाद भी इनके मामले का ट्रायल कोर्ट में शुरु नहीं हुआ है.