नई दिल्ली : दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आज एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए दिल्ली सरकार के ट्रांसपोर्ट विभाग में सैंकड़ों करोड़ रुपए के एक और घोटाले का आरोप लगाया है. रामवीर सिंह बिधूड़ी का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर टैक्सियों और बसों में Panic Button अनिवार्य करने के नाम पर टैक्सी और बस वालों से लगभग 500 करोड़ रुपए लूट लिए गए हैं जबकि विभाग ने आज तक कोई कॉल सेंटर तक नहीं बनाया. अगर कोई महिला इमरजेंसी में इस बटन को दबाती है तो उसका कोई फायदा ही नहीं है.
Panic Button नकली हैं
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में महिला सुरक्षा के नाम पर केजरीवाल सरकार ने बसों और टैक्सियों में पेनिक बटन अनिवार्य कर दिया था. आप सरकार इसके साथ ही यह प्रचार कर रही थी कि वह महिला सुरक्षा के लिए बहुत चिन्तित है लेकिन उनकी चिंता कितनी बनावटी और झूठी थी, यह अब पता चल गया है. Panic Button लगाने की शुरुआत 2019 में की गई. दिल्ली के टैक्सी वालों से 9000 रुपए प्रतिवर्ष और बस वालों से 22000 रुपए प्रतिवर्ष लेने का फैसला हुआ. चार वर्ष से लगातार यह राशि वसूल की जाती रही है.
Panic Button के नाम पर वसूली
पत्रकारों से बात करते हुए रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली में करीब 10 हजार बसें हैं. इस हिसाब से 22 करोड़ रुपया इन बस वालों से वसूला जा रहा है जबकि राजधानी में एक लाख 12 हजार टैक्सियां रजिस्टर्ड हैं. प्रति टैक्सी 9000 रुपए के हिसाब से कुल राशि 100 करोड़ 80 लाख रुपए बैठती है. इस तरह पांच वर्ष में Panic Button के नाम पर लगभग 500 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया.
सीबीआई से हो जांच
रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि झूठ की पोल खुल गई है क्योंकि पैनिक बटन दबाने पर किसी महिला की सुरक्षा पर आए खतरे की सूचना कहीं जाती ही नहीं. कॉल सेंटर का सारा तंत्र ही फर्जी सिद्ध हुआ है. इसकी वजह यह है कि आज तक ट्रांसपोर्ट विभाग ने कोई कॉल सेंटर तक नहीं बनाया. अगर कोई महिला संकट में इस बटन को दबाती है तो उसकी सूचना कहीं नहीं जाती है और न ही महिला को किसी तरह की मदद मिलती है. पैनिक बटन के नाम पर यह केवल जबरन वसूली है जो दिल्ली सरकार अब तक करती रही है. बिधूड़ी ने दो टैक्सियों में लगे पैनिक बटन को संवाददाताओं को दिखाया. इन पैनिक बटनों को दबाया गया लेकिन किसी तरह का कोई रेस्पांन्स कहीं से भी नहीं मिला. श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि इस सारे मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए





