पटना। बिहार में भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। दो मई प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना करेंगे। लेकिन, इससे पहले 17 अप्रैल से एक नई व्यवस्था की गई। इसके तहत बिहारवासी घर बैठे ही स्व-गणना कर सकते हैं। स्व-गणना करने की अंतिम तिथि एक मई रात 12 बजे तक है। यानी 17 अप्रैल से एक मई तक बिहारवासी अपनी गणना मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए ऑनलाइन दर्ज कर कसते हैं। भारतीय जनगणना निदेशालय की डायरेक्टर रंजिता (IAS) ने कहा कि बिहार में दो मई से जनगणना कार्य शुरू हो रही है। नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे लोग घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इस दौरान लोग आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से OTP सत्यापन करके खुद अपने परिवार और घर से संबंधित जानकारी दर्ज कर सकते हैं।
परिवार के मुखिया के नाम से पंजीकरण करना होगा
डायरेक्टर रंजिता (IAS) ने कहा कि इसके लिए परिवार के मुखिया के नाम और किसी एक सदस्य के मोबाइल नंबर से पंजीकरण करना होगा। स्व-गणना पूरी होने के बाद नागरिकों को एक स्व-गणना आईडी प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना आवश्यक होगा और गणनाकर्मी के घर आने पर उसे दिखाना होगा। यह प्रक्रिया सुरक्षित, सरल और समय की बचत करने वाली है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग मोबाइल से अपनी गणना नहीं कर सकते हैं, वह घबराएं नहीं। दो मई से प्रगणक आपके घर आएंगे, वह गणना का काम कर कसते हैं। साथ ही जो लोग बिहार से बाहर रहते हैं वह भी नहीं घबराएं। आपके जिस राज्य में रह रहे हैं वहां जब जनगणना की प्रकिया शुरू होगी तब आप इसमें शामिल हो सकते हैं। आपकी गणना मान्य वैद्य मानी जाएगी। आपके डेटा को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा और डिजिटल माध्यम में एन्क्रिप्टेड सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
आधुनिक-पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल माध्यम का उपयोग
वहीं डिप्टी डायरेक्टर संजीव कुमार साव ने बताया कि भारत सरकार वर्ष 2027 में देशव्यापी जनगणना आयोजित कर रही है, जो संविधान के अनुच्छेद 246 तथा जनगणना अधिनियम 1948 के अंतर्गत एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। वर्ष 1872 से प्रारंभ हुई यह परंपरा अब अपनी 16वीं जनगणना तक पहुंच चुकी है, जबकि स्वतंत्रता के बाद यह 8वीं जनगणना होगी। जनगणना 2027 को दो चरणों में संपन्न किया जाएगा। पहले चरण में वर्ष 2026 के दौरान मकान सूचीकरण एवं आवास संबंधी जानकारी एकत्रित की जाएगी। इसके अंतर्गत घरों की स्थिति, संरचना और उपलब्ध सुविधाओं का विवरण लिया जाएगा। दूसरे चरण में वर्ष 2027 के दौरान जनसंख्या की वास्तविक गणना की जाएगी, जिसमें प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी दर्ज की जाएगी।
बिहार में ढाई लाख से अधिक प्रगणक और पर्यवेक्षक लगाए जाएंगे
डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि जनगणना के सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए व्यापक स्तर पर मानव संसाधन की नियुक्ति की गई है, जिसमें प्रगणक, पर्यवेक्षक और प्रशिक्षक शामिल हैं। बिहार में ढाई लाख से अधिक प्रगणक और पर्यवेक्षक जनगणना के कार्य में लगाए जाएंगे। इसके लिए इन्हें पारिश्रमिक भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। मास्टर ट्रेनर, जिला स्तरीय अधिकारी, फील्ड प्रशिक्षक और प्रगणकों को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षित किया गया है, ताकि जनगणना कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। जनगणना के दौरान नागरिकों से उनके घर, परिवार, शिक्षा, सामाजिक स्थिति तथा बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, शौचालय, बिजली, इंटरनेट और संपत्ति से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
इस बार पूरी तरह अलग है जनगणना 2027
जनगणना 2027 के लिए कागजी फॉर्म और रजिस्टरों की जगह अब इलेक्ट्रोनिक डिवाइस, जियो-टैगिंग मैपिंग टूल और एक केंद्रीकृत वेब आधारित प्लेटफॉर्म का उपयोग किया जाएगा। सरकार ने साल 2027 की जनगणना को देश की पहली डिजिटल जनगणना बनाने की तैयारी पूरी कर ली है। मोबाइल एप के जरिए डेटा इकट्ठा किया जाएगा। ऐप हिंदी, अंग्रेजी और सभी प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होगा। इसके अलावा सेंसस मॉनिटरिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएमएस) नाम का एक केंद्रीय पोर्टल बनाया गया है, जो पूरी प्रक्रिया की रियल टाइम निगरानी करेगा। हर घर और इलाके का जियो-टैगिंग भी किया जाएगा, ताकि रिकॉर्ड बिल्कुल सटीक रहे। आइये जानते हैं आपको किन सवालों का जवाब देना होगा?
क्रमांक विवरण
1 लाइन क्रमांक
2 भवन नंबर
3 जनगणना मकान नंबर
4 फर्श सामग्री
5 दीवार सामग्री
6 छत सामग्री
7 जनगणना मकान का वास्तविक उपयोग
8 जनगणना मकान की स्थिति
9 परिवार क्रमांक
10 परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले व्यक्तियों की संख्या
11 मुखिया का नाम
12 मुखिया का लिंग
13 मुखिया की जाति (अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य)
14 घर का स्वामित्व
15 उपलब्ध कमरों की संख्या
16 विवाहित दम्पत्ति की संख्या
17 पेयजल का मुख्य स्रोत
18 पेयजल स्रोत की उपलब्धता
19 प्रकाश का मुख्य स्रोत
20 शौचालय की उपलब्धता
21 शौचालय का प्रकार
22 गंदे पानी की निकासी (वेस्ट वाटर आउटलेट)
23 परिसर के भीतर स्नान सुविधा की उपलब्धता
24 रसोईघर की उपलब्धता एवं LPG/PNG कनेक्शन
25 खाना बनाने के लिए उपयोग किया जाने वाला मुख्य ईंधन
26 रेडियो/ट्रांजिस्टर
27 टेलीविजन
28 इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता
29 कंप्यूटर/लैपटॉप
30 टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन
31 साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड
32 कार/जीप/वैन
33 परिवार में उपयोग किए जाने वाले मुख्य अनाज
34 मोबाइल नंबर

