डेथ वैली का रहस्यमयी नजारा, पत्थरों के चलने के पीछे की वजह आई सामने

न्यूयार्क। अमेरिका के डेथ वैली नेशनल पार्क का सूखा मैदान एक बेहद हैरान करने वाली प्राकृतिक घटना के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। कैलिफोर्निया स्थित इस नेशनल पार्क में भारी-भरकम पत्थर बिना किसी बाहरी धक्के या इंसानी दखल के खुद-ब-खुद अपनी जगह से खिसक जाते हैं और पीछे मिट्टी पर लंबी लकीरें छोड़ जाते हैं। लंबे समय तक वैज्ञानिकों के लिए यह एक अनसुलझी पहेली बना रहा था, लेकिन अब इस रहस्य से पर्दा उठ चुका है।

पानी, बर्फ और हवा का अनोखा मेल है रहस्य

यह अनोखी घटना पार्क के 'रेसट्रैक प्लाया' नामक स्थान पर होती है, जो कभी एक झील का निचला हिस्सा हुआ करता था। बारिश के बाद यहां थोड़ा पानी जमा हो जाता है और सूखने पर जमीन सख्त और सपाट हो जाती है। वैज्ञानिकों के लंबे शोध के बाद सामने आया कि इस चमत्कार के पीछे कोई जादुई ताकत नहीं, बल्कि सर्दियों की रातों में जमने वाली बर्फ की पतली परत और हल्की हवा का मेल है।

कैसे खिसकते हैं भारी-भरकम पत्थर

अध्ययन के मुताबिक, जब सर्दियों में पानी के ऊपर बर्फ की परत जम जाती है और तापमान बढ़ने पर वह बड़े टुकड़ों में टूट जाती है, तब हल्की हवा इन तैरते हुए बर्फ के टुकड़ों को आगे धकेलती है। ये बर्फ के टुकड़े जब पत्थरों से टकराते हैं, तो उन्हें गीली और नरम मिट्टी पर धीरे-धीरे सरका देते हैं। दिसंबर 2013 में वैज्ञानिकों ने पहली बार इन पत्थरों को आंखों से खिसकते हुए देखा और जीपीएस के जरिए इसकी पुष्टि की। कुछ पत्थर तो इस प्रक्रिया में 60 मीटर से भी ज्यादा दूर तक खिसक जाते हैं, और पानी सूखने के बाद ज़मीन पर इनकी लंबी लकीरें इस अनोखी घटना की गवाही देती हैं।

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