वाशिंगटन। दुनिया के सबसे सफल निवेशकों में गिने जाने वाले 96 वर्षीय वॉरेन बफेट से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प खुलासा सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बफेट बीते 48 वर्षों से सादा पानी नहीं पीते हैं। एक पॉडकास्ट में बताया गया कि जब उन्हें डिनर पर पानी या सोडा वाटर ऑफर किया गया, तो उन्होंने यह कहते हुए मना कर दिया कि उन्होंने दशकों से पानी नहीं पिया है। बफेट की बेटी सूजी बफेट ने भी एक डॉक्यूमेंट्री में इस बात की पुष्टि की थी।
सादे पानी की जगह कोका-कोला के दीवाने
सादे पानी से दूरी बनाने वाले वॉरेन बफेट अपनी प्यास बुझाने के लिए रोज करीब पांच कैन कोका-कोला पीते हैं, जिसमें चेरी कोक उनकी सबसे पसंदीदा ड्रिंक है। बफेट मजाकिया लहजे में कहते हैं कि उनका शरीर एक-चौथाई कोका-कोला से बना है, क्योंकि उनकी दैनिक 2,700 कैलोरी का 25 प्रतिशत हिस्सा इसी ड्रिंक से आता है। 1980 के दशक से पहले वह पेप्सी पिया करते थे, लेकिन 1985 में चेरी कोक का स्वाद चखने के बाद वह इसके ऐसे प्रशंसक बने कि इसे अपनी कंपनी की बैठकों की आधिकारिक ड्रिंक घोषित कर दिया।
पसंद को बनाया 7,100 करोड़ रुपये की कमाई का जरिया
कोका-कोला के प्रति उनका यह प्रेम सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उनके निवेश साम्राज्य का प्रमुख हिस्सा बन गया। 1988 में बफेट की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने करीब 1.3 अरब डॉलर लगाकर कोका-कोला के 400 मिलियन शेयर (लगभग 9% हिस्सेदारी) खरीदे। लगातार 64 सालों से डिविडेंड बढ़ाने वाली इस कंपनी से बफेट की बर्कशायर हैथवे को सालाना करीब 848 मिलियन डॉलर (लगभग 7,100 करोड़ रुपये) की पैसिव कमाई होती है, जो उनकी चतुर निवेश रणनीति का बेहतरीन उदाहरण है।

