देवास। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की संदिग्ध मौत के मामले में सूबे की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने प्रदेश सरकार और कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि गृह विभाग का जिम्मा खुद मुख्यमंत्री के पास होने के बावजूद राज्य में कानून का इकबाल खत्म हो चुका है और माफियाराज हावी है।
सरकार पर माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अवैध खनन, जहरीली शराब और वन माफिया के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे अब प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर खुलेआम जानलेवा हमले कर रहे हैं। जयवर्धन सिंह ने दिवंगत टीआई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके शोकाकुल परिवार को उचित मुआवजा राशि और परिवार के सदस्य को शासकीय सेवा में नियुक्ति देने की मांग की है।
नाकाबंदी के दौरान अधिकारी को कुचला
उल्लेखनीय है कि सोमवार तड़के इंदौर-बैतूल हाईवे पर नेमावर रोड के समीप अवैध शराब परिवहन की गुप्त सूचना पर पुलिस टीमें वाहनों की सघन चेकिंग कर रही थीं। इसी दौरान एक संदिग्ध आयशर वाहन को रोकने के प्रयास में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी को तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया, जिससे इलाज के दौरान उनकी दुखद मृत्यु हो गई।
डीजीपी को सौंपी गई जाँच और संदिग्धों से पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी उपेंद्र जैन को निष्पक्ष जांच का जिम्मा सौंपा गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जाँच के तार हरदा के एक शराब कारोबारी और कांग्रेस नेता के मैनेजर से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं, जिसको लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। पुलिस फिलहाल अवैध शराब नेटवर्क के पूरे चक्रव्यूह को खंगालने में जुटी है।

