ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास, राहुल बोले- सिर्फ हटाए न जाए उनपर मुकदमा चले

Mock Parliament: शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर इंडिया गठबंधन की मॉक संसद में पेश किया गया CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन-महाभियोग का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया.
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जन महाभियोग का प्रस्ताव कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेश किया और उसका समर्थन इंडिया गठबंधन की सभी पार्टियों के नेताओं, छात्र नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, सिविल सोसाइटी के कार्यकर्ताओं और चुनाव आयोग की वोट चोरी यानी SIR प्रक्रिया में अपना वोट खोने वाले पीड़ित आम नागरिकों ने किया.
कार्यक्रम के आखिर में बोलते हुए कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को सिर्फ हटाया नहीं जाना चाहिए बल्कि उनपर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई भी होनी चाहिए.

मिस्टर ज्ञानेश कुमार भारत के CEC के तौर पर नहीं टिकेंगे -राहुल गांधी

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपने भाषण में साफ किया की ज्ञानेश कुमार को जाना ही होगा. उन्होंने कहा, “मिस्टर ज्ञानेश कुमार भारत के CEC के तौर पर नहीं टिकेंगे. हमारे पास यह पक्का करने के लिए काफ़ी सबूत हैं कि यह आदमी ऑफिस में नहीं रहेगा.
अगर BJP हमारे बताने के बाद भी उन्हें बनाए रखने पर अड़ी रही, तो BJP का खेल सबके सामने साफ़ हो जाएगा.”

Mock Parliament: ज्ञानेश कुमारों के लिए एक मैसेज है- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने जन महाभियोग को एक पॉलिटिकल हथियार बताया जिसका सीधा निशाना हर वो इंसान है जिसने भारत के लोगों का वोट चोरी किए. राहुल ने कहा, “यह MPs और आम लोगों की मीटिंग लग सकती है, लेकिन असल में यह एक पॉलिटिकल हथियार है जिसका सीधा निशाना हर वो इंसान है जिसने भारत के लोगों का वोट खराब करने के लिए साठगांठ की है.
यहां जमा हुए लोगों का इस दुनिया के ज्ञानेश कुमारों के लिए एक मैसेज है, आप उस इंस्टीट्यूशन के पीछे छिपे हैं जिसकी रक्षा करने की आपने कसम खाई है. याद रखें, आप हमेशा इसके पीछे नहीं छिप सकते. एक दिन, आपको इस देश के लोगों के नुमाइंदों का सामना करना पड़ेगा.”

हर एक इंस्टीट्यूशन हमारे लिए बंद है- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने मॉक संसद आयोजित करने की वजह भी बताई और मजबूरी भी. उन्होंने कहा, “हम यह इंपीचमेंट प्रोसीडिंग्स गार्डन में क्यों कर रहे हैं? क्योंकि हमारे पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है. हर एक इंस्टीट्यूशन हमारे लिए बंद है.”
राहुल गांधी ने आगे कहा, “मुझे नहीं लगता कि हिस्ट्री में ऐसा कभी हुआ है. पूरा अपोज़िशन चीफ इलेक्शन कमिश्नर ऑफ इंडिया के इंपीचमेंट पर डिस्कस करने के लिए गार्डन में बैठा हो.”

संयमित और कम समय में सभी नेताओं ने रखी अपनी बात

इस जन सुनवाई या कहें मॉक संसद की खास और अच्छी बात ये रही की सभी पार्टियों के नेताओं और सिविल सोसाइटी के लोगों ने अपनी बात रखते हुए भाषा की मर्यादा का ध्यान रखा. इतना ही नहीं सभी लोगों ने अपनी बात कम शब्दों और कम समय में सीधे मुद्दे पर बात करके रखी. भले ही इसे मॉक संसद बोला गया लेकिन लंबे समय से संसद में भी एसी साफ और मर्यादित कार्रवाई देखने को नहीं मिली.

ये भी पढ़ें-जेल से बाहर आते ही आजम खान को ईडी ने लिया हिरासत में, जौहर विश्वविद्यालय मामले में कार्रवाई

Latest news

Related news