Srinagar Uttarakhand Development: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के श्रीनगर पहुंचने पर शनिवार को सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा. महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. मुख्यमंत्री ने श्रीयंत्र टापू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों को 9.13 करोड़ रुपये की 9 विकास योजनाओं की सौगात दी. इस दौरान उन्होंने करीब नौ साल बाद शहर में सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया और महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन राशि वितरित की.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास, सुशासन और समृद्धि के संकल्प के साथ प्रदेश को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. श्रीनगर में शुरू की गई योजनाएं स्थानीय लोगों की सुविधाओं को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी.

नौ साल बाद श्रीनगर में शुरू हुई सिटी बस सेवा
श्रीनगरवासियों की लंबे समय से प्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने नगर में सिटी बस सेवा का शुभारंभ किया. उन्होंने पार्षदों से भरी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.
सिटी बस सेवा शुरू होने से शहर के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है. मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जनसुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है.
ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी किया लोकार्पण
मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में स्थापित इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग स्टेशन का भी लोकार्पण किया. इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहन मिलेगा और शहर में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.
यह पहल स्वच्छ और हरित शहरी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
महिला स्वयं सहायता समूहों को मिले 2.01 लाख रुपये
मुख्यमंत्री ने ‘सशक्त बहना, सशक्त उत्तराखंड’ कार्यक्रम के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को 2,01,530 रुपये का चेक वितरित किया.
इस पहल का उद्देश्य महिला समूहों की आजीविका को प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है. कार्यक्रम में 51 पर्यावरण मित्र महिलाओं को हेल्थ एवं हाइजीन किट भी प्रदान की गईं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है.
नगर की स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने नगर निगम श्रीनगर क्षेत्र में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया. इनमें ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं निस्तारण सुविधा, स्वर्गीय रणजीत सिंह भंडारी वाटिका, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग पार्क, सड़क और नाली निर्माण, लक्ष्मीनारायण पार्क तथा पार्कों का सौंदर्यीकरण शामिल है.
इन परियोजनाओं से नगर की स्वच्छता व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण और आधारभूत नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 9 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाएं क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और स्थानीय विकास को नई दिशा देंगी.
चारधाम यात्रा और रेल परियोजना से श्रीनगर को मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार ने मिलकर उत्तराखंड को विकास की नई दिशा देने का काम किया है.
उन्होंने कहा कि चारधाम को ऑल वेदर सड़क से जोड़ा गया है, जिसका महत्वपूर्ण केंद्र श्रीनगर भी है. ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है. इस रेल मार्ग पर श्रीनगर में भी स्टेशन बनाया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हो रही है और इसका प्रत्यक्ष लाभ स्थानीय निवासियों को मिल रहा है. पौड़ी जिले में भी करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं पर काम चल रहा है.
सरदार पटेल के योगदान को किया याद
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि लौह पुरुष ने 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत की नींव रखी.
उन्होंने कहा कि सरदार पटेल का संकल्प एक ऐसे सशक्त राष्ट्र का निर्माण करना था, जहां राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संप्रभुता सर्वोपरि हो तथा राष्ट्रहित प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य हो.
बच्चों से मिलने के लिए प्रोटोकॉल से हटकर पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बच्चों के साथ उनका आत्मीय संवाद भी चर्चा का विषय रहा. कॉलेज गेट के पास विद्यार्थियों को देखकर मुख्यमंत्री अपने वाहन से नीचे उतरे और उनके बीच पहुंचकर बातचीत की.
उन्होंने बच्चों का हालचाल जाना और उनसे संवाद किया. मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बच्चे उत्साहित नजर आए.
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, सतपाल महाराज, विधायक भरत चौधरी, महापौर आरती भंडारी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, उपजिलाधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे.

