Azam Khan ED Arrest रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं. दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद रामपुर जेल से बाहर आते ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें हिरासत में ले लिया. ईडी की टीम जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई के लिए पैरामिलिट्री फोर्स के साथ जेल के बाहर पहुंची थी.
Rampur, Uttar Pradesh: Samajwadi Party leader Azam Khan released from Rampur Jail. An ED team has also reportedly reached near the jail to question him. https://t.co/wHxKNfEwo6
— IANS (@ians_india) October 31, 2026
आजम खान की रिहाई का इंतजार कर रहे समर्थकों के बीच ईडी की कार्रवाई से अचानक हलचल मच गई. जेल के बाहर पहले से ही बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे. भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच ईडी की टीम ने आजम खान को अपनी हिरासत में लिया.
15 गाड़ियों और 50 सीआरपीएफ जवानों के साथ पहुंची ईडी की टीम
आजम खान की गिरफ्तारी के लिए ईडी की टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के साथ रामपुर जेल पहुंची थी. चश्मीदों के मुताबिक, टीम के साथ करीब 50 सीआरपीएफ जवान और 15 गाड़ियां थीं.
जेल के बाहर ईडी और सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की गतिविधियां भी तेज हो गईं. आजम खान के समर्थकों को उम्मीद थी कि वह जेल से बाहर आकर सीधे अपने घर जाएंगे, लेकिन रिहाई के तुरंत बाद ईडी की कार्रवाई ने पूरे घटनाक्रम को बदल दिया.
ईडी की कार्रवाई के बाद आजम खान को किस स्थान पर ले जाया गया और आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है.
जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई
आजम खान के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का संबंध रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामले से बताया जा रहा है. इस मामले में जांच एजेंसी ने 13 अक्टूबर को अजीमनगर थाने में एक नई प्राथमिकी दर्ज कराई थी.
ईडी की जांच जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़ा है. इससे पहले भी विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में आजम खान की मुश्किलें बढ़ती रही हैं. इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए ईडी अब अदालत में रिमांड की मांग करेगी.
दो पैन कार्ड मामले में मिली थी जमानत
आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी. दोनों को इस मामले में सात-सात साल की सजा सुनाई गई थी.
हाईकोर्ट ने 29 अक्टूबर को दोनों की जमानत मंजूर की थी. इसके बाद रामपुर की एमपी-एमएलए अदालत में जमानत की शर्तें पूरी की गईं और रिहाई परवाने जारी हुए.
आजम खान की ओर से 3.50 लाख रुपये और अब्दुल्ला आजम की ओर से 2.75 लाख रुपये जमा कराए गए थे. इसके बाद दोनों की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हुआ था.
समर्थकों में उत्साह के बीच बदला घटनाक्रम
आजम खान की रिहाई की खबर फैलते ही रामपुर जेल के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लग गया था. समर्थक लंबे समय से उनकी रिहाई का इंतजार कर रहे थे.
लेकिन जेल से बाहर आते ही ईडी की कार्रवाई ने समर्थकों को चौंका दिया. जेल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और अधिकारियों की गतिविधियां बढ़ गईं.
आजम खान की गिरफ्तारी के बाद अब समाजवादी पार्टी की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया का इंतजार है.साथ ही यह भी देखना होगा कि ईडी की कार्रवाई के बाद आजम खान को अदालत में कब पेश किया जाता है और उनकी हिरासत को लेकर क्या निर्णय होता है.
आजम खान की मुश्किलें क्यों बढ़ीं?
आजम खान के खिलाफ कई मुकदमे चल रहे हैं. दो पैन कार्ड मामले में जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई की उम्मीद थी, लेकिन जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामले में ईडी की कार्रवाई ने उनकी कानूनी मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं.
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक मामले में जमानत मिलने के बावजूद दूसरे मामले में कार्रवाई होने के कारण उनकी रिहाई के बाद भी कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी.
फिलहाल आजम खान की ईडी हिरासत और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है.

