भोपाल। एमपी के भोपाल में नगरीय विकास विभाग ने अब सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के पानी से नगर निगमों की कमाई बढ़ाने का नया प्लान बनाया है। इस योजना से घरों में इस्तेमाल हो चुके पानी को साफ करके दोबारा काम में लाया जाएगा। इससे ग्राउंड वाटर और पीने के पानी की बड़ी बचत होगी और साथ ही निकायों की इनकम भी बढ़ेगी। STP से साफ किए गए इस पानी को फैक्ट्रियों, रेलवे और कंस्ट्रक्शन के कामों के लिए दिया जाएगा, जिसके बदले निकाय तय चार्ज लेंगे। अगर किसी को पीने लायक बिल्कुल साफ पानी चाहिए, तो उसके लिए PPP मॉडल पर प्राइवेट इन्वेस्टर्स की मदद से टर्शियरी STP बनाए जाएंगे।
इंदौर कॉन्क्लेव में सीएम जारी करेंगे नई पॉलिसी
विभाग ने इसके लिए यूज्ड वाटर पॉलिसी तैयार कर ली है। इसे 28 तारीख को इंदौर में होने वाले अर्बन कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लॉन्च करेंगे। इस पॉलिसी का मुख्य मकसद पीने के पानी की बर्बादी रोकना है। फिलहाल ज़्यादातर कामों के लिए ग्राउंड वाटर या सप्लाई के पीने वाले पानी का इस्तेमाल होता है, जिससे गर्मियों में पानी की किल्लत हो जाती है। मालवा क्षेत्र में उद्योग तेज़ी से बढ़ रहे हैं, लेकिन पानी के साधन कम हो रहे हैं।
साफ पानी बेचने का ये है पूरा बिजनेस प्लान
अधिकारियों के मुताबिक मध्य प्रदेश में STP की संख्या लगातार बढ़ रही है। अभी इस पानी का इस्तेमाल सिर्फ पार्कों में पौधों के लिए होता है। अब पहले फेज में STP के आसपास ऐसी जगहों को चुना जाएगा, जहाँ धुलाई, कूलिंग, रेलवे कोच की सफाई, रोड धुलाई और बड़ी सोसायटियों के फ्लश के लिए ज़्यादा पानी चाहिए। अगले फेज में आम घरों के फ्लश और गाड़ियों की धुलाई के लिए अलग से सस्ता पानी सप्लाई किया जाएगा। PPP मॉडल पर बनने वाले टर्शियरी STP के लिए सरकार निवेशकों को ज़मीन, सब्सिडी और इंसेंटिव देगी। हालांकि, यह पानी फूड और फार्मा कंपनियों को नहीं दिया जाएगा।
सागर में सफल रहा प्रयोग और पानी की स्थिति
सागर शहर में यह सिस्टम पहले ही लागू किया जा चुका है, जहाँ रेलवे और फैक्ट्रियों को पानी बेचकर निकाय की कमाई बढ़ी है। इसी सफलता को देखते हुए इसे पूरे राज्य में लागू किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में रोज़ 2666 मिलियन लीटर सीवेज निकलता है, जिसमें से STP के ज़रिए 1639 MLD पानी रोज़ ट्रीट किया जा रहा है। आने वाले दिनों में नालों को पूरी तरह सीवेज लाइन से जोड़ने के बाद साफ पानी की यह मात्रा और भी बढ़ जाएगी।

