उत्तराखंड में बारिश का हाईअलर्ट,रुद्रप्रयाग में स्कूल बंद,पर्यटकों पर रोक,8 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा मंडराया

Uttarakhand on high alert देहरादून: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर तेज़ हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 31 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने 8 संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है. प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से सतर्क रहने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है.

Uttarakhand on high alert:8 जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कई इलाकों में मूसलाधार बारिश हो सकती है. लगातार वर्षा के कारण जलभराव, भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की आशंका जताई गई है.

रुद्रप्रयाग में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने एहतियातन शुक्रवार को कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, अर्द्धसरकारी और निजी विद्यालयों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने अभिभावकों और शिक्षकों से भी सावधानी बरतने की अपील की है।

पर्यटकों के लिए अहम निर्देश

मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है. यात्रियों से मौसम सामान्य होने तक पर्वतीय और संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा टालने को कहा गया है.

भूस्खलन से निपटने की पूरी तैयारी

संभावित भूस्खलन वाले क्षेत्रों में जेसीबी और अन्य आवश्यक मशीनरी पहले से तैनात कर दी गई है, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में मार्ग को जल्द से जल्द खोला जा सके और यातायात सामान्य किया जा सके।

SDRF समेत सभी एजेंसियां 24 घंटे अलर्ट पर

राज्य सरकार ने एसडीआरएफ (SDRF), पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, बीआरओ (BRO) और लोक निर्माण विभाग (PWD) को आपसी समन्वय के साथ 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं. सभी जिला प्रशासन को आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन तैयार रखने को कहा गया है.

प्रशासन की लोगों से अपील

प्रशासन ने स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें और नदी-नालों, पहाड़ी ढलानों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी गई है.

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