उत्तराखंड में 26-27 सितंबर को भारी बारिश का रेडअलर्ट,CM धामी की अपील- गैरजरूरी यात्रा से बचें

Uttarakhand Weather Alert: देहरादून : उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों और पर्यटकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए रेड अलर्ट की अवधि में अनावश्यक यात्रा से बचें. बहुत जरूरी होने पर ही मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर यात्रा करें.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की 25 सितंबर को जारी चेतावनी के अनुसार, उत्तराखंड में 26 सितंबर को अत्यंत भारी बारिश और 27 सितंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके साथ ही गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी है.

मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने को कहा है.

Uttarakhand Weather Alert:पर्यटकों को संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह

मुख्यमंत्री ने पर्यटकों से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, संवेदनशील पर्वतीय मार्गों और जोखिम वाले पर्यटन स्थलों पर जाने से बचें. स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करें.

उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने से पहले सड़क की स्थिति और मौसम का ताजा अपडेट जरूर लें. किसी भी मार्ग पर भूस्खलन या अन्य खतरे की आशंका होने पर वहां जाने से बचें.

नदी-नालों और बरसाती धाराओं से दूर रहें

मुख्यमंत्री ने भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, गाड़-गदेरों, बरसाती धाराओं और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास नहीं जाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि तेज बहाव में उतरने या उसे पार करने का प्रयास जानलेवा हो सकता है.

अभिभावकों से भी बच्चों को नदी-नालों और अन्य जोखिम वाले स्थानों से दूर रखने का आग्रह किया गया है. पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए संवेदनशील सड़कों और स्थानों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.

सभी जिलाधिकारी 24×7 अलर्ट मोड पर रहें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रहें. संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि किसी भी संभावित आपदा की स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके.

उन्होंने राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के साथ ही आवश्यक उपकरण, जेसीबी और अन्य मशीनरी को रणनीतिक स्थानों पर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं. सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है.

चारधाम यात्रा मार्गों और पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी

मुख्यमंत्री ने नदी-नालों के जलस्तर, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, पर्वतीय सड़कों, चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लगातार नजर रखने को कहा है.

उन्होंने निर्देश दिए कि मौसम की स्थिति बिगड़ने पर संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जरूरत के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए. प्रशासन को किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तत्काल शुरू करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है.

‘घबराएं नहीं, लेकिन पूरी सतर्कता बरतें’

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सरकार मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं.

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं, लेकिन मौसम विभाग और जिला प्रशासन की चेतावनियों को नजरअंदाज भी न करें. किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचित करें और खुद सुरक्षित रहने के साथ दूसरों को भी सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करें.

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