UP Rain Alert 10 July: उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है. पश्चिमी यूपी में लगातार तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. सड़कें जलमग्न हैं, कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं और सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए भी पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के 10 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है.
IMD Weather Warning !
A Well-Marked Low Pressure Area over Southwest Uttar Pradesh is set to bring extremely heavy rainfall to parts of West Uttar Pradesh (09 July) and Uttarakhand (09–10 July).
🌧️ Stay weather-aware. Avoid unnecessary travel to flood-prone areas and follow… pic.twitter.com/4ad9GlKUVF
— India Meteorological Department (@Indiametdept) July 9, 2026
UP Rain Alert 10 July:बिजनौर में 310 मिली बारिश,लोगों के हाल बेहाल
सबसे अधिक बारिश बिजनौर जिले के नजीबाबाद में 310 मिमी दर्ज की गई, जो हाल के वर्षों में रिकॉर्ड स्तर मानी जा रही है. लगातार बारिश को देखते हुए मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर और हापुड़ में शुक्रवार को सभी स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं.
क्यों हो रही है इतनी तेज बारिश?
लखनऊ स्थित यूपी-उत्तराखंड मौसम केंद्र के अनुसार मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का शक्तिशाली सिस्टम उत्तर भारत से आने वाली ठंडी हवाओं के प्रभाव से दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर खिसक आया है. इसके चलते मानसून ट्रफ उत्तर की ओर सक्रिय हो गई है और पश्चिमी यूपी में लगातार भारी बारिश हो रही है. अगले 24 घंटों में यह सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिससे अन्य जिलों में भी तेज बारिश की संभावना बनी हुई है.
बिजनौर का मेरठ और मुजफ्फरनगर से संपर्क टूटा
लगातार बारिश के कारण बिजनौर-मेरठ मार्ग पर देवल गांव के पास सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई, जिससे बिजनौर का मेरठ और मुजफ्फरनगर से सीधा सड़क संपर्क बाधित हो गया. सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही रोक दी है और ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जा रहा है.
नागलसोती क्षेत्र में पूंडरीकलां का अस्थायी पुल भी तेज बहाव में ध्वस्त हो गया. चंदक क्षेत्र के गोपालपुर गांव में तालाब का पानी सड़क पर आने से एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई.
बरसाती नदियां उफान पर, कई हादसों में लोगों की मौत
मेरठ के सरूरपुर क्षेत्र में खेत की मोटर में करंट उतरने से एक किसान की मौत हो गई, जबकि उसे बचाने पहुंचे बेटे को गंभीर झुलसन आई. रोहटा ब्लॉक के किसान इंटर कॉलेज में बरामदे की छत गिर गई. पूठखास गांव में मकान की छत गिरने से एक महिला और दो पशु घायल हो गए.
सहारनपुर में पिछले 24 घंटे के दौरान 126 मिमी बारिश दर्ज की गई. शिवालिक क्षेत्र की बरसाती नदियां उफान पर हैं. सहस्रा नदी में बाइक सहित एक महिला और दो बच्चे तेज बहाव में फंस गए, जिन्हें ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला.
बुलंदशहर, हापुड़ और बागपत में भी भारी तबाही
बुलंदशहर में 24 घंटे में 175.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई. खुर्जा के मुंडाखेड़ा गांव में मस्जिद की बाउंड्री गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए.
हापुड़ में 262.8 मिमी बारिश ने कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. पिलखुवा के सद्दीकपुरा में मकान ढहने से पिता की मौत हो गई और बेटा घायल हो गया. डीएम ने जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया.
बागपत में 10 से अधिक मकान गिर गए, जबकि गौना गांव के पास सड़क बह गई. दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर मिट्टी कटान से रेलिंग धंस गई और सिसाना गांव के पास जलभराव में 60 से अधिक वाहन फंस गए.
मुजफ्फरनगर में जलभराव, मंत्री ने किया निरीक्षण
मुजफ्फरनगर में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव हो गया। प्रदेश के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा लिया। बुढ़ाना क्षेत्र में मकान की छत गिरने से एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि भोकरहेड़ी में कच्चा मकान गिरने से 20 बकरियों की मौत हो गई।
यमुना का जलस्तर बढ़ा, प्रशासन अलर्ट पर
शामली में तीन दिनों के दौरान 183 मिमी बारिश दर्ज की गई। थानाभवन और कैराना में भी मकानों की छतें गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार बारिश के चलते यमुना नदी का जलस्तर 228.26 मीटर तक पहुंच गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
इन जिलों में स्कूल बंद
लगातार बारिश और जलभराव को देखते हुए प्रशासन ने शुक्रवार को इन जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला किया है:
- मेरठ
- बिजनौर
- मुजफ्फरनगर
- बुलंदशहर
- हापुड़
IMD की लोगों से अपील
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, तेज बहाव वाली नदियों और कमजोर इमारतों से दूर रहें. प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करें, क्योंकि अगले 24 घंटे पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के लिए बेहद संवेदनशील माने जा रहे हैं.

