अमेरिका ने रोके हमले, फिर चाबहार पर किसने दागी मिसाइल?रहस्यमयी एयरस्ट्राइक से मचा हड़कंप

Mysterious attack on Iran : अमेरिका द्वारा ईरान पर सैन्य अभियान रोकने की घोषणा के कुछ ही समय बाद दक्षिणी ईरान में हुए रहस्यमयी हवाई हमलों ने पूरे मध्य पूर्व में नई चिंता पैदा कर दी है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब अमेरिकी सेना ने अपने हमले समाप्त होने की घोषणा कर दी थी, तो आखिर चाबहार, बुशहर और अन्य इलाकों को किसने निशाना बनाया?

Mysterious attack on Iran:हमले बंद होने के बाद फिर गूंजे धमाके

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने गुरुवार सुबह स्थानीय समयानुसार करीब 6:30 बजे बताया कि ईरान के खिलाफ उसका हमला अभियान पूरा हो चुका है लेकिन इस घोषणा के कुछ ही समय बाद ईरान के कई हिस्सों में जोरदार विस्फोट और हवाई हमलों की खबरें सामने आईं.

ईरानी समाचार एजेंसियों के अनुसार बुशहर, सिस्तान-बलूचिस्तान, चाबहार, अहवाज़ और दक्षिणी ईरान के अन्य क्षेत्रों में कई धमाके हुए. हालांकि इन हमलों की जिम्मेदारी अब तक किसी देश या संगठन ने नहीं ली है।

ईरान ने किसी पर नहीं लगाया सीधा आरोप

ईरान सरकार ने आधिकारिक तौर पर किसी देश को इन हमलों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया है. हालांकि एक ईरानी सांसद ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई में कथित सहयोग का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है. इन घटनाओं के समय ईरान अपने दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा हुआ था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई.

मध्य पूर्व में बढ़ा सैन्य तनाव

इन घटनाओं से पहले ईरान ने बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और कतर की दिशा में कई मिसाइलें दागीं. इन देशों में मिसाइल अलर्ट जारी किया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई.

ईरानी हमलों के बाद UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन ज़ायद अल नाहयान ने कुवैत का दौरा किया, जबकि खाड़ी देशों के नेताओं के बीच लगातार कूटनीतिक बातचीत जारी रही.

इजरायल ने नहीं ली जिम्मेदारी

अब तक इजरायल ने इन ताजा हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। आमतौर पर इजरायल ईरान में की गई सैन्य कार्रवाई की पुष्टि जल्दी कर देता है.हालांकि इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो उनकी सेना ईरान के खिलाफ फिर से बड़े सैन्य अभियान के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि इजरायली सेना अलर्ट पर है और किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार रहेगी.

होर्मुज स्ट्रेट बना नई रणनीतिक टकराव की वजह

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और अरब देश लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि होर्मुज स्ट्रेट अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खुला रहना चाहिए. दूसरी ओर ईरान का दावा है कि इस समुद्री मार्ग पर उसका नियंत्रण है और यहां से गुजरने वाले जहाजों को तेहरान के नियमों का पालन करना चाहिए.

रहस्य बरकरार, बढ़ी वैश्विक चिंता

अमेरिका के हमले रोकने के बाद हुए इन रहस्यमयी एयरस्ट्राइक ने कई सवाल खड़े कर दिए है. चूंकि किसी भी देश ने हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि इन हमलों के पीछे कौन है. इस बीच पूरे मध्य पूर्व में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है.

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