Datia By Election 2026: मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित और वीवीआईपी मानी जाने वाली दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा राजनीतिक दांव खेला है. लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय और चुनावी तैयारियों में जुटे पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं देकर पार्टी ने पूर्व संभागीय संगठन मंत्री और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है.
आशुतोष तिवारी दतिया के मूल निवासी हैं और बीजेपी संगठन के पुराने एवं अनुभवी कार्यकर्ताओं में उनकी पहचान रही है. टिकट की घोषणा के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है.
Datia By Election 2026:जमीनी फीडबैक के आधार पर बदला उम्मीदवार ?
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार बीजेपी हाईकमान ने यह फैसला व्यापक संगठनात्मक समीक्षा और जमीनी फीडबैक के बाद लिया है. बताया जा रहा है कि 2023 विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी दतिया सीट को लेकर लगातार समीक्षा कर रही थी.
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय स्तर की एक विशेष सर्वे टीम ने क्षेत्र में रहकर मतदाताओं का फीडबैक लिया. इसी रिपोर्ट के आधार पर उम्मीदवार बदलने का निर्णय लिया गया. हालांकि आधिकारिक तौर पर पार्टी ने सर्वे या टिकट बदलने की वजह पर कोई बयान नहीं दिया है.
नरोत्तम मिश्रा लगातार कर रहे थे जनसंपर्क
टिकट की घोषणा से पहले तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा लगातार दतिया में समाज प्रमुखों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के साथ बैठकें कर रहे थे. वे सक्रिय चुनावी तैयारियों में जुटे थे, लेकिन अंतिम समय में पार्टी के फैसले ने उनके समर्थकों को बड़ा झटका दिया है.
राजेंद्र भारती की सदस्यता रद्द होने से खाली हुई सीट
दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद खाली हुई है। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था.
बाद में कोऑपरेटिव बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक पुराने आपराधिक मामले में दिल्ली की अदालत ने राजेंद्र भारती को तीन वर्ष की सजा सुनाई. सजा के बाद सुप्रीम कोर्ट के प्रावधानों के अनुसार उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई, जिसके कारण इस सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है.
बीजेपी और कांग्रेस दोनों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई
दतिया सीट लंबे समय तक बीजेपी का मजबूत गढ़ रही है. डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने लगातार तीन चुनाव जीतकर इस सीट पर पार्टी का दबदबा कायम रखा था. हालांकि 2023 में कांग्रेस ने यहां बड़ी जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए.
अब बीजेपी नए चेहरे के साथ इस सीट को वापस जीतने की कोशिश करेगी, जबकि कांग्रेस अपनी पिछली जीत को बरकरार रखने की चुनौती का सामना करेगी.
30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को आएगा फैसला
दतिया उपचुनाव अब केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति में प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। सभी दलों की नजर इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर टिकी है. 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना के बाद स्पष्ट होगा कि दतिया की जनता किसे अपना नया प्रतिनिधि चुनौती है.

