TCS Conversion Controversy: महाराष्ट्र के नासिक में धर्मांतरण के आरोपों को लेकर उपजा विवाद अब एक नए मोड़ पर आ गया है. जिस निदा खान को अब तक टीसीएस (TCS) जैसे बड़े संस्थान की ‘एचआर हेड’ (HR Head) बताया जा रहा था, उसे लेकर खुद कंपनी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. टीसीएस बीपीओ ने स्पष्ट कर दिया है कि निदा खान उनकी कंपनी में किसी बड़े पद पर नहीं, बल्कि एक मामूली टेलिऑपरेटर के रूप में कार्यरत थी।
माता-पिता का दावा: बेटी महज 15 हजार की कर्मचारी
इस पूरे मामले में जब निदा खान के माता-पिता से बातचीत की गई, तो उन्होंने पुलिस के दावों पर गंभीर सवाल उठाए. उनके अनुसार, उनकी बेटी केवल एक साधारण कर्मचारी है जिसकी तनख्वाह महज 15 से 16 हजार रुपये है. परिवार का आरोप है कि पुलिस ने अशोक खरात उर्फ भोंदू बाबा के मामले से जनता का ध्यान भटकाने के लिए निदा को बलि का बकरा बनाया है. परिवार ने यह भी जानकारी दी कि निदा फिलहाल गर्भवती है और गिरफ्तारी के डर से अपने किसी रिश्तेदार के यहाँ रह रही है.
क्या हैं निदा खान पर गंभीर आरोप?
निदा खान पर आरोप है कि वह एक ऐसे समूह का हिस्सा थी जो कंपनी के भीतर महिला और पुरुष कर्मचारियों को धर्म परिवर्तन के लिए उकसाता था. पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) उसकी तलाश में जुटी है. उन पर आरोप है कि वे कर्मचारियों को खास तरह के कपड़े पहनने, नमाज पढ़ने और खान-पान की आदतों में बदलाव करने के लिए दबाव डालती थीं. शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस काम के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप का भी इस्तेमाल किया जाता था, जिसके जरिए टारगेट सेट किए जाते थे.
शाहरुख की पत्नी का पलटवार: ‘सब कुछ फेक है’
इस मामले में एक अन्य आरोपी शाहरुख की पत्नी ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘फेक’ करार दिया है. उनका कहना है कि एफआईआर में कहीं भी ‘धर्मांतरण रैकेट’ जैसा जिक्र नहीं है, बल्कि केवल आपसी मजाक और सामान्य बातचीत की बातें कही गई हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि यह सब पिछले चार साल से चल रहा था, तो किसी कर्मचारी ने पहले कंपनी के सीनियर अधिकारियों से शिकायत क्यों नहीं की?
पुलिस और कानून पर भरोसा
आरोपियों के परिजनों का कहना है कि उन्हें देश के कानून और संविधान पर पूरा भरोसा है. उनका मानना है कि जांच के बाद सच सबके सामने आ जाएगा. हालांकि, पुलिस का मानना है कि निदा खान की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे नेटवर्क की असलियत सामने आ पाएगी. फिलहाल, नासिक पुलिस की कई टीमें फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं.

