महाराष्ट्र की राजनीति में ‘काला जादू’: जितेंद्र आव्हाड का सनसनीखेज दावा, 38 विधायकों ने काटी उंगलियां!

Jitendra Awhad Big Allegations मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा आरोप लगा है जिसने पूरे देश को हैरान कर दिया है. शरद पवार गुट के कद्दावर नेता और विधायक जितेंद्र आव्हाड ने विधानसभा में एक बेहद ही खौफनाक और सनसनीखेज दावा किया है. आव्हाड के अनुसार, राज्य के कुछ विधायकों ने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए ‘अघोरी पूजा’ और ‘काले जादू’ का सहारा लिया था.

Jitendra Awhad Big Allegations का क्या है पूरा मामला? 

जितेंद्र आव्हाड ने सदन में आरोप लगाया कि अशोक खरात नामक एक तांत्रिक ने सत्ताधारी गठबंधन के कई नेताओं को यह आश्वासन दिया था कि वह अपनी शक्तियों से फडणवीस को सत्ता से बेदखल कर सकता है. आव्हाड का दावा है कि इस अघोरी अनुष्ठान के तहत लगभग 38 विधायकों ने खरात के पास जाकर अपनी उंगलियां तक काट ली थीं. उन्होंने विधानसभा में चुटकी लेते हुए कहा कि आजकल विधान भवन में विधायक एक-दूसरे की उंगलियां देख रहे हैं और पूछ रहे हैं कि क्या वे भी खरात के दरबार में हाजिर हुए थे.

कौन है अशोक खरात? (Who is Ashok Kharat?)

आव्हाड के मुताबिक, अशोक खरात का प्रभाव राज्य के प्रशासन में इस कदर बढ़ चुका है कि उससे पूछकर प्रशासानिक फैसले लिये जाते हैं.

  • ट्रांसफर-पोस्टिंग का खेल: शिक्षा विभाग, म्हाडा (MHADA) और एसआरए (SRA) जैसे महत्वपूर्ण विभागों में अधिकारियों की पोस्टिंग खरात के इशारे पर हो रही है.

  • सरकारी संरक्षण: खरात के ट्रस्ट के लिए सरकारी पैसे से सड़कें और अन्य सुविधाएं तैयार की जा रही हैं.

  • अधिकारियों का खौफ: कुछ वरिष्ठ अधिकारी खरात के सामने नतमस्तक रहते हैं.

    अशोक खरात पर हत्या और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप

    आव्हाड ने इस मामले को साल 2007 के एक पुराने केस से भी जोड़ा. उन्होंने दावा किया कि नासिक के मशहूर पत्रकार बालू तुपे की हत्या सिर्फ इसलिए की गई थी ताकि अशोक खरात को बचाया जा सके. उन्होंने पुलिस पर भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद आरोपियों को बचाने के लिए भारी मात्रा में पैसे का लेनदेन हुआ है. जितेंद्र अह्वाड ने दावा किया कि

    “मुख्यमंत्री को इस पूरी साजिश की जानकारी पिछले 6 महीनों से थी. कुछ नेताओं की खरात के साथ गुप्त बैठकें भी हुई. जहां खरात ने कहा कि – मुझे थोड़ा समय दीजिये, मुख्यमंत्री जल्द ही अपने घऱ पर होंगे.”

    कानून और नेतिकता पर सवाल 

    महाराष्ट्र में ‘अंधविश्वास विरोधी कानून (Anti-Superstition Act)’ काफी सख्त है. ऐसे में एक विधायक द्वारा सदन में लगाए गए ये आरोप कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं:-

    1. क्या आधुनिक युग में भी जनप्रतिनिधि सत्ता के लिए अघोरी प्रथाओं का सहारा ले रहे हैं?

    2. क्या सरकार की नाक के नीचे काला जादू करने वालों को संरक्षण मिल रहा है?

    3. आखिर 38 विधायकों की उस सूची में किन-किन के नाम शामिल हैं?

    महाराष्ट्र की राजनीति में जितेंद्र आव्हाड के इन आरोपों ने सियासी भूचाल ला दिया है.कई नेता इसे केवल सुर्खियों मे रहने की तरकीब बता रहे हैं.आव्हाड के बयान पर शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने कहा, “जितेंद्र आव्हाड सुर्खियों में रहने के लिए इसी तरह की बातें करते हैं. वे जिस इलाके से चुन कर आते हैं वह अल्पसंख्यक क्षेत्र है और उन्हें खुश करने के लिए वे ऐसा बयान देते हैं

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