दिल्ली-मुजफ्फरपुर अग्निकांड के बाद एक्शन में सरकार,पटना के 5 नामचीन अस्पताल और 3 होटल होंगे सील,52 अन्य संस्थान भी रडार पर!

Patna 5 hospitals to be sealed:दिल्ली और मुजफ्फरपुर में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांडों से सबक लेते हुए बिहार सरकार और अग्निशमन विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ करने वाले संस्थानों के खिलाफ राजधानी पटना में एक बड़ी कार्रवाई की तैयारी पूरी हो चुकी है। अग्निशमन विभाग ने पटना के 5 प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों और 3 होटलों को सील करने का सख्त आदेश जारी कर दिया है। जिला प्रशासन के साथ मिलकर जल्द ही इन सभी को सील करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

Patna 5 hospitals to be sealed : इन 5 अस्पतालों और होटलों पर गिरेगी गाज

अग्निशमन विभाग के डीआईजी (DIG) मनोज कुमार नट ने इस सीलिंग आदेश की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि जिन अस्पतालों को सील करने का आदेश दिया गया है, उन्हें पहले ही नोटिस जारी कर सचेत किया गया था, लेकिन इसके बावजूद उनके द्वारा फायर सेफ्टी मानकों को पूरा नहीं किया गया।

सील होने वाले अस्पतालों की सूची:

  • एडवांस पटना सेंट्रल अस्पताल (कंकड़बाग)

  • आरोग्य वर्धन अस्पताल (राजेंद्र नगर)

  • पिनेकल अस्पताल (राजेंद्र नगर)

  • श्यामा ट्रस्ट एंड रिसर्च एंड अस्पताल (अशोक नगर)

  • एपेक्स अस्पताल

इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वाले 3 होटलों को भी सील किया जाएगा, जिनमें जमाल रोड स्थित कुणाल होटल प्रमुख रूप से शामिल है।

52 अन्य संस्थान भी रडार पर: डीआईजी मनोज कुमार नट ने चेतावनी दी है कि शहर के 32 अन्य अस्पताल और 20 होटल-रेस्तरां भी इस समय विभाग के रडार पर हैं। इनके पास मानक पूरे करने के लिए बेहद कम समय बचा है। यदि तय समय सीमा के भीतर इनका संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो इन्हें भी सील करने का प्रस्ताव स्थानीय प्रशासन को भेज दिया जाएगा।

दिल्ली और मुजफ्फरपुर हादसों के बाद जागी सरकार

दरअसल, यह ताबड़तोड़ कार्रवाई इस सप्ताह मुजफ्फरपुर के प्रसाद अस्पताल और दिल्ली के एक होटल में हुए दो अलग-अलग भीषण अग्निकांडों के बाद की जा रही है। इन दोनों दर्दनाक हादसों में कुल 28 लोगों की जान चली गई थी। इस संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे बिहार में अस्पतालों और होटलों की सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच की जा रही है।

मुजफ्फरपुर के ‘प्रसाद हॉस्पिटल’ का लाइसेंस रद्द

इस बीच एक बड़ी खबर मुजफ्फरपुर से भी आ रही है, जहां स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार तड़के हादसे का शिकार हुए प्रसाद हॉस्पिटल का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इस अस्पताल के आईसीयू (ICU) में एसी (AC) शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी, जिसमें अब तक 7 मरीजों की मौत हो चुकी है और करीब डेढ़ दर्जन लोग घायल हैं। जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि अस्पताल के एसी की लंबे समय से सर्विसिंग नहीं हुई थी और वहां आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम भी नहीं थे।

इलेक्ट्रिक लोड सर्टिफिकेट और गैस सिलेंडरों पर सख्त नियम

भविष्य में शॉर्ट सर्किट की घटनाओं को रोकने के लिए अग्निशमन विभाग ने दो दिन पहले ही सभी निजी अस्पतालों को ‘इलेक्ट्रिक लोड एनालिसिस सर्टिफिकेट’ जमा करने का निर्देश दिया है। इसके लिए संस्थानों को एक हफ्ते का समय मिला है। यदि जांच में किसी भी अस्पताल का लोड घोषित क्षमता से गलत पाया गया, तो उसे बिना किसी नोटिस के तुरंत सील कर दिया जाएगा।

इसके साथ ही राज्यभर के होटलों से भी उनके परिसर में रखे कमर्शियल गैस सिलेंडरों की पूरी जानकारी मांगी गई है। अग्निशमन महानिदेशक (DG) के मुताबिक, होटलों की व्यापक स्तर पर सेफ्टी जांच शुरू हो रही है और निर्धारित संख्या से अधिक सिलेंडर पाए जाने पर होटल प्रबंधन के खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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