जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की हुंकार, सोनम वांगचुक समेत कई दिग्गजों का मिला साथ 

CJP PROTEST  नई दिल्ली: शनिवार को देश की राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर एक अनोखे और बड़े विरोध प्रदर्शन का गवाह बना। सोशल मीडिया पर तेजी से उभरी “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) के आह्वान पर परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर हजारों की संख्या में युवा और छात्र सड़कों पर उतरे। इस आंदोलन को समाज के विभिन्न वर्गों के साथ-साथ देश की कई नामचीन हस्तियों का भी बड़ा समर्थन मिला.

CJP PROTEST : सोनम वांगचुक और रिचा चड्ढा समेत कई दिग्गज पहुंचे जंतर-मंतर

CJP के इस विरोध प्रदर्शन में युवाओं का जोश बढ़ाने के लिए कई मशहूर चेहरे जमीन पर उतरे। मशहूर शिक्षाविद और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक, बॉलीवुड अभिनेत्री रिचा चड्ढा, अभिनेता अतुल कुलकर्णी, प्रकाश राज और अभिनेत्री कुनिका सदानंद जैसी हस्तियां जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ खड़ी दिखाई दीं। आंदोलन में शामिल सभी लोगों की सरकार से सिर्फ एक ही मांग थी कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही धांधली और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार अपनी जवाबदेही तय करे।

संस्थापक अभिजीत दिपके ने की शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

इस बड़े आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने किया। उन्होंने जंतर-मंतर पर पहुंचकर युवाओं और छात्रों को संबोधित किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सभी से एकजुट होने का आह्वान किया.

शांतिपूर्ण विरोध का संदेश: आंदोलनकारियों से पहले ही अपील की गई थी कि वे अपने साथ ‘किताब और तिरंगा’ लेकर पहुंचें, ताकि इस प्रदर्शन को पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक रूप दिया जा सके। सुबह 9 बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन शाम 5 बजे तक पूरी तरह अनुशासित और सफल नजर आया.

भीड़ को लेकर उठे सवाल, प्रवक्ता सौरव ने दिया जवाब

इस प्रदर्शन के दौरान एक चर्चा भीड़ की संख्या को लेकर भी रही। सवाल उठाए गए कि जिस पार्टी के सोशल मीडिया पर बनने के कुछ ही घंटों के भीतर 20 मिलियन (2 करोड़) से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए, उसके बुलावे पर जंतर-मंतर पर केवल कुछ हजार लोग ही क्यों आए?

इस पर पार्टी के प्रवक्ता सौरव ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:

“हमें उम्मीद थी कि भीषण गर्मी को देखते हुए यहां 400 से 500 लोग ही जुटेंगे, लेकिन हमारी उम्मीद से कहीं ज्यादा यहां कई हजार लोग पहुंचे हैं। इस चिलचिलाती धूप में भी हजारों लोगों का आना हमारे उद्देश्य की जीत है।”

सरकार का रुख: केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू का बयान

CJP के सोशल मीडिया पर भारी समर्थन और जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे. सरकार भी इस आंदोलन को लेकर सतर्क नजर आई. मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, “लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन अगर कानून-व्यवस्था बिगड़ी तो पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी.” इसी के मद्देनजर दिल्ली और एनसीआर (NCR) के कई इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी गई.

क्या रंग लाएगा यह सामाजिक प्रयोग?

कुल मिलाकर, जंतर-मंतर पर हुआ यह प्रदर्शन सोशल मीडिया की ताकत से निकले एक नए राजनीतिक-सामाजिक प्रयोग के रूप में सामने आया है। भले ही अभी यह साफ न हो कि यह आंदोलन महज एक प्रतीकात्मक विरोध बनकर रह जाएगा या देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए किसी ठोस राष्ट्रीय बहस को जन्म देगा, लेकिन इतना तो तय है कि “कॉकरोच जनता पार्टी” ने दिल्ली के सियासी गलियारों में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा दी है।

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