Gold & Silver Prices Drop नई दिल्ली : मिडिल इस्ट क्राइसेस और वैश्विक बाजारों में बदलते घटनाक्रमों के बीच आज भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव कम होने के संकेतों ने निवेशकों की ‘सेफ-हेवन’ डिमांड को कमजोर कर दिया है, जिससे कीमती धातुओं के दाम धड़ाम हो गए हैं.
Gold & Silver Prices Drop: MCX पर कीमतों का हाल
आज घरेलू बाजार (MCX) पर चांदी की कीमतों में 4.21% (9,474 रुपये) की बड़ी गिरावट देखी गई, जिससे यह 2,15,693 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई. वहीं, सोना भी 1.77% (2,460 रुपये) फिसलकर 1,36,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है.
मार्च 2026: 45 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट
मार्च का महीना सोने और चांदी के लिए बेहद खराब साबित हो रहा है। इस महीने अब तक दोनों धातुओं में 20% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जो पिछले 45 वर्षों में सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। इस भारी बिकवाली के कारण गोल्ड और सिल्वर अब आधिकारिक तौर पर ‘बेयर मार्केट’ (Bear Market) के दायरे में प्रवेश कर चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का दबाव
सिंगापुर से लेकर न्यूयॉर्क तक, हर जगह कीमती धातुओं पर दबाव है:
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हाजिर सोना: 1.5% गिरकर $4,340.80 प्रति औंस।
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हाजिर चांदी: 3.3% फिसलकर $66.81 प्रति औंस।
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कॉमेक्स (Comex): यहां भी सोना $4,370 और चांदी $67 के स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं.
क्यों गिर रहे हैं दाम? ये हैं 5 बड़े कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में इस ‘क्रैश’ के पीछे निम्नलिखित कारण हैं:
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मिडल ईस्ट में शांति के संकेत: युद्ध की आशंका कम होने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने का आकर्षण कम हुआ है।
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मजबूत अमेरिकी डॉलर: डॉलर इंडेक्स में मजबूती के कारण अन्य मुद्राओं वाले देशों के लिए सोना महंगा हो गया है।
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ऊंची ब्याज दरें: महंगाई के दबाव के कारण केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं, जो बिना ब्याज वाली संपत्ति (सोने) के लिए नकारात्मक है।
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मुनाफावसूली: ऑल-टाइम हाई छूने के बाद निवेशकों ने बड़े पैमाने पर प्रॉफिट बुकिंग की है।
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बॉन्ड यील्ड में उछाल: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से निवेशकों का रुझान सोने से हटकर बॉन्ड की तरफ बढ़ा है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार के जानकारों का मानना है कि हालांकि शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बनी रहेगी लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह कीमतों में सुधार (Correction) एक अवसर हो सकता है. फिलहाल बाजार में ‘वेट एंड वॉच’ की स्थिति है, इसलिए एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय चरणबद्ध निवेश (SIP मोड) की रणनीति अपनाना समझदारी होगी.
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