Russian oil purchase: 50-100% नहीं अब भारत पर 500% टैरिफ लगाने की तैयारी में है ट्रम्प

Russian oil purchase: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाला यूएस प्रशासन 2022 में शुरू हुए रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को खत्म करने की कोशिशों के बीच रूस पर कड़े नए प्रतिबंध लगाने की योजना बना रहा है. इसी योजना के तहत एक ऐसा बिल तैयार किया गया है जिसका असर भारत पर भी होगा. रुस ये तेल खरीद करने वाले देशों पर अमेरिका 500% ट्रेड टैरिफ लगाने की तैयारी में है.

सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ़ 2025 क्या है

बिल, सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ़ 2025, उन देशों पर 500% तक का टैरिफ लगाने की धमकी देता है जो “जानबूझकर रूसी मूल के यूरेनियम और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के लेन-देन में शामिल होते हैं”. जैसा कि रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि ट्रंप ने रूस पर बैन वाले बिल को “हरी झंडी” दे दी है, ग्राहम के अनुसार, भारत उन देशों में से एक है जिसे भारी टैरिफ का सामना करना पड़ेगा.
ग्राहम ने X (पहले ट्विटर) पर कहा, “आज राष्ट्रपति ट्रंप के साथ कई मुद्दों पर बहुत अच्छी मीटिंग के बाद, उन्होंने दोनों पार्टियों के रूस पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों वाले बिल को हरी झंडी दे दी है.” उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले हफ़्ते की शुरुआत में ही इस पर दोनों पार्टियों की तरफ से मज़बूत वोटिंग होगी.

Russian oil purchase: ‘चीन, भारत के खिलाफ दबाव’ बनाने में मददगार होगा बिल- ग्राहम

ग्राहम ने कहा कि यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को उन “देशों को सज़ा देने” की इजाज़त देगा जो सस्ता रूसी तेल खरीदते हैं, जिसका इस्तेमाल पुतिन की युद्ध मशीन को चलाने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने आगे कहा कि यह कानून “चीन, भारत और ब्राजील जैसे देशों के खिलाफ जबरदस्त दबाव बनाएगा ताकि उन्हें सस्ता रूसी तेल खरीदना बंद करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके, जो यूक्रेन के खिलाफ पुतिन के खून-खराबे के लिए फाइनेंसिंग देता है.”

सैंक्शनिंग रशिया एक्ट ऑफ़ 2025बिल पास होने में हैं कई बाधाएं

इससे पहले, ग्राहम ने संकेत दिया था कि ट्रंप ने बिल को मंज़ूरी दे दी है. हालांकि, इसमें और रुकावटें आईं.
ग्राहम के हवाले से कहा गया, “यह सही समय पर होगा, क्योंकि यूक्रेन शांति के लिए रियायतें दे रहा है और पुतिन सिर्फ बातें कर रहे हैं, और निर्दोष लोगों को मारना जारी रखे हुए हैं.”
AP के अनुसार, यह बिल मुख्य रूप से ग्राहम और सीनेटर रिचर्ड ब्लूमंथल ने तैयार किया है और यह एडमिनिस्ट्रेशन को उन देशों पर टैरिफ और सेकेंडरी बैन लगाने की इजाज़त देता है जो रूस का तेल, गैस, यूरेनियम और दूसरे एक्सपोर्ट खरीदते हैं, ताकि यूक्रेन में रूस के मिलिट्री एक्शन के लिए फाइनेंस को रोका जा सके.

यूक्रेन-रूस युद्ध रुकवाना ट्रंप क एजेंडे में टॉप पर है

यूक्रेन-रूस संकट को सुलझाना ट्रंप के एजेंडे में रहा है, क्योंकि उन्होंने ऑफिस के पहले दिन ही युद्ध खत्म करने का वादा किया था और ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन अब दोनों देशों के बीच शांति के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहा है. स्पेशल एनवॉय स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर अमेरिकी राष्ट्रपति के मुख्य बातचीत करने वाले हैं.
ब्लूमबर्ग के अनुसार, अमेरिकी कांग्रेस में बैन बिल पास होने में काफी समय से देरी हो रही है, क्योंकि ट्रंप ने पहले सुझाव दिया था कि वह डिप्लोमेटिक कोशिशों से दोनों देशों के बीच शांति समझौता करना चाहते हैं.

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