मथुरा का शाही ईदगाह विवादित ढांचा नहीं…हिंदु पक्ष के दावे को इलाहाबाद हाईकोर्ट से लगा झटका

Mathura SriKrishna Janambhumi verdict:  मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी खबर सामने आई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट से हिंदू पक्ष के उस दावे को बड़ा झटका लगा है जिसमें श्रीकृष्ण मंदिर के पास बने शाही ईदगाद को विवादित  ढांचा मानने की अपील की गई थी.इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदु पक्ष की याचिका को खारिज करते हुए इसे विवादित ढांचा मानने से इंकार कर दिया है.

Mathura SriKrishna Janambhumi verdict :  इलाहाबाद हाईकोर्ट के सिंगल बेंच में हुई सुनवाई

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला के दौरान कहा कि दिये गये साक्ष्यों के आधार पर मथुरा के शाही ईदगाह को फिलहाल विवादित ढांचा नहीं कहा जा सकता है. हिंदूपक्ष का दावा है कि श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा के इस प्राचीन मंदिर के परिसर में बना शाही मस्जिद मंदिर के हिस्से को तोड़ कर बनाया गया था. इस दावे के आधार पर हाईकोर्ट में मामला चल रहा है. हाईकोर्ट में जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की सिंगल बेंच इस मामले की सुनवाई हो रही है. अब अदालत ने इसम मामले में अगली  सुनवाई के लिए 2 अगस्त, 2025 की तारीख दी है. अब सबकी नजर हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर लगी हुई है.

हिंदु पक्ष का दावा

मथुरा के श्रीकृष्ममंदिर के परिसर में मौजूद शाही ईदगाह के मामले में हिंदु पक्ष ने 5 मार्च 2025 को अदालत में याचिका लगाई थी.हिंदू पक्ष के वकील महेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक 23 मई को इस मामले में दोनो तरफ की दलीलों के साथ बहस पूरी हो गई थी और अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.यही फैसला आज 4 जुलाई को सुनाया गया.

 मंदिर तोड़कर बनाई गई शाही मस्जिद – हिंदुपक्ष

मस्जिद को विवादित ढांचा बताने के पीछे हिंदु पक्ष की तरफ से दलील दी गई है उसके मुताबिक  जहां मस्जिद बनाई गई है ,  पहले वहां पर मस्जिद ही था, इस बात के साक्ष्य कोर्ट में पेश नहीं किये गये हैं. जबकि हिंदु पक्ष लगातार इसे श्री कृष्ण की जन्मभूमि बता रहा है. हिंदु पक्ष की तरफ से दावा किया गया है कि जब साक्ष्य मजूद नहीं हैं तो ऐसे में क्यों ना शाही मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित किया जाए ?  हिंदु पक्ष ने अदालत में अयोध्या के बाबरी मस्जिद का उदाहरण दिया और कहा कि  जैसे अयोध्या मामले में कोर्ट ने उसे पहले विवादित ढांचा घोषित किया था, उसी तरह  कोर्ट को शाही ईदगाह मस्जिद को भी विवादित ढांचा घोषित करना चाहिए.

क्या है श्रीकृष्ण जन्मभूमि – शाही मस्जिद विवाद

मथुरा के श्री कृष्ण मंदिर का विवाद कटरा केशव देव क्षेत्र के 13.37 एकड़ जमीन से जुड़ा है.इस जमीन पर ही श्रीकृष्ण का मंदिर और शाही मस्जिद दोनों बने हुए हैं. इस 13.37 एकड़ जमीन में से  11 एकड़ जमीन पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर है, जबकि बाकी 2 एकड़ जमीन पर ईदगाह बना है. हिंदू पक्ष पूरे 13.37 एकड़ जमीन को श्रीकृष्ण की जन्मभूमि का हिस्सा मानता है, वहीं मुस्लिम पक्ष इसे मानने के लिए तैयार नहीं हैं.

हिंदु पक्ष के दस्तावेजों के मुताबिक 1670 में औरंगजेब ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि  पर बने मंदिर के हिस्से को तोड़कर शाही ईदगाह मस्जिद बनवाई थी.वहीं  मुस्लिम पक्ष का दावा है कि जिस जमीन पर शाही मस्जिद बनी है, वहां कभी मंदिर नहीं था. इसलिए ये विवादित ढांचा नहीं है.

दोनों पक्षो की दलील के आधार पर आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि ‘फिलहाल शाही मस्जिद को विवादित ढांचा नहीं माना जा सकता है.मामले की अगली सुनवाई 2 अगस्त को होगी.

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