पटना। पटना के चर्चित कोचिंग संचालक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और राजद नेता तेज प्रताप यादव ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या करार दिया है। हालांकि, अभी तक किसी भी पुलिस या जांच एजेंसी ने हत्या की पुष्टि नहीं की है।
नेपाल के होटल में हुई संदिग्ध मौत
30 वर्षीय प्रिंस यादव नेपाल के विराटनगर के एक होटल में अपने दोस्तों के साथ ठहरे हुए थे। शनिवार देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती कयासों में अत्यधिक शराब के सेवन और ब्रेन हेमरेज को तबीयत बिगड़ने की वजह बताया जा रहा है, लेकिन मौत के असली कारणों का पता नहीं चल पाया है। नेपाल पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज और रजिस्टर खंगाल रही है, साथ ही मामले में चार भारतीय नागरिकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
तेज प्रताप यादव ने लगाए आरोप और की पेरोल की मांग
प्रिंस यादव की मौत पर तेज प्रताप यादव ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि यह एक सोची-समझी हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों के साथ प्रिंस का विवाद चल रहा था, उन्हीं लोगों ने इस घटना को अंजाम दिलवाया है। इसके साथ ही तेज प्रताप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर सरकार से मांग की है कि जेल में बंद रौशन आनंद को मानवीय आधार पर अपने भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए एक दिन का पेरोल या अस्थायी रिहाई दी जाए।
कोचिंग विवाद से जुड़ा है मामला
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से पटना के दो बड़े कोचिंग संचालकों, रौशन आनंद और फैजल खान उर्फ खान सर के बीच कानूनी और व्यावसायिक विवाद चल रहा है। इस विवाद से जुड़ी एक एफआईआर में मृतक प्रिंस यादव का नाम भी शामिल था। इसी विवाद के बीच प्रिंस की अचानक नेपाल यात्रा और वहां हुई संदिग्ध मौत ने कई सवालों को जन्म दे दिया है।
फिलहाल, इस पूरे मामले में पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। अधिकारियों का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

