Miyazaki Mango India : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले की ग्राम पंचायत थरौली का एक प्रगतिशील किसान अपनी मजबूत सोच, कड़ी मेहनत और आधुनिक नवाचार के दम पर आत्मनिर्भर खेती की एक नई और प्रेरणादायक कहानी लिख रहा है. जहां आज भी देश के अधिकांश किसान पारंपरिक फसलों और पुरानी पद्धतियों पर निर्भर हैं, वहीं थरौली गांव के रहने वाले किसान संदीप चौधरी ने कुछ अलग करने का साहसिक फैसला किया. उन्होंने दुनिया के सबसे महंगे आमों में शुमार ‘मियाजाकी’ की खेती शुरू की और अब उनका यह अनोखा प्रयोग सफलता की बुलंदियों की तरफ बढ़ता दिखाई दे रहा है.
This is our 2nd year’s Crop of Miyazaki Mango which is world’s most expensive Mango in the world his price is @3.5 Lac per Kilogram this we are growing in our Gram Panchayat Tharoli District Saharanpur Uttar Pradesh #miyazaki #Tharolimiyazakimange @Tharolivillage @ramveertanwarg… pic.twitter.com/DasYErop8Z
— Rita Chaudhary Pradhan Tharoli (@Sandeeppradyun) June 15, 2026
Miyazaki Mango India : दो पौधों से शुरू हुआ सफर, आज बाग में लहलहा रहे 40 पेड़
किसान संदीप चौधरी ने साल 2021 में इस विशेष आम की खेती की शुरुआत की थी. उनका उद्देश्य सिर्फ अपनी निजी आय बढ़ाना नहीं था, बल्कि पारंपरिक कृषि को एक नई दिशा देना और क्षेत्र के दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा का एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करना था. शुरुआत में उन्होंने परीक्षण के तौर पर केवल दो मियाजाकी आम के पौधे लगाए थे. उस समय यह महज एक प्रयोग था, लेकिन समय के साथ उनकी देखरेख रंग लाई और यह प्रयोग आज एक बड़े बाग का रूप ले चुका है. वर्तमान में उनके पूरी तरह से ऑर्गेनिक बाग में करीब 40 मियाजाकी आम के पेड़ तैयार हो चुके हैं, जिनमें वैज्ञानिक तकनीक से की गई देखभाल के कारण बेहतरीन फल आने लगे हैं.
थरौली के बाग में उग रहा है दुनिया का सबसे कीमती ‘रेड गोल्ड’
जापान की मूल प्रजाति का मियाजाकी आम अपनी खासियतों और बेमिसाल स्वाद के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है. इस आम की गहरे लाल और बैंगनी रंग की रंगत इसे सामान्य आमों से बिल्कुल अलग और आकर्षक बनाती है. अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसकी अत्यधिक दुर्लभता और बेहद सीमित उत्पादन के कारण इसकी कीमत आसमान छूती है. यही वजह है कि इसे दुनिया के सबसे महंगे फलों में शामिल किया जाता है और लोग इसे ‘रेड गोल्ड’ भी कहते हैं.
संदीप चौधरी ने इंटरनेट के माध्यम से दुनिया की सबसे महंगी फसलों की जानकारी जुटाई थी. इसी दौरान उन्हें जापान के मियाजाकी आम का पता चला, जिसके बाद उन्होंने अपने दम पर नए पौधे तैयार कर बाग का विस्तार किया.
3 लाख रुपये प्रति किलो है कीमत, दुबई निर्यात की तैयारी
संदीप चौधरी के बाग में वर्तमान में 10 से 12 पेड़ों पर शानदार फल लगे हुए हैं. किसान का अनुमान है कि इस मौजूदा सीजन में करीब 14 से 15 किलो मियाजाकी आम का कुल उत्पादन हो सकता है. भले ही उत्पादन अभी सीमित है, लेकिन इसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत इसे बेहद खास बना देती है. वैश्विक बाजार में मियाजाकी आम की कीमत करीब 2.80 लाख रुपये से लेकर 3.30 लाख रुपये प्रति किलो तक होती है. संदीप चौधरी का स्पष्ट कहना है कि वह अपने इस प्रीमियम आम को 3 लाख रुपये प्रति किलो से कम कीमत पर नहीं बेचेंगे, क्योंकि इसकी खेती में अत्यधिक मेहनत और समय लगा है.
इस बीच, सहारनपुर के इस ‘रेड गोल्ड’ को खरीदने के लिए दुबई की एक बड़ी कंपनी से निर्यात को लेकर बातचीत अंतिम दौर में चल रही है. किसान को उम्मीद है कि जल्द ही इस संबंध में सकारात्मक और बड़ा समझौता पूरा हो जाएगा. यदि यह डील फाइनल होती है, तो थरौली गांव का आम सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी चमक बिखेरेगा, जो पूरे क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी.
सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में ‘आत्मनिर्भर भारत’ का सपना
संदीप चौधरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच से बेहद प्रेरित हैं. उनका मानना है कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की असली रीढ़ हैं और यदि वे आधुनिक नवाचार व उच्च मूल्य वाली फसलों को अपनाएं, तो अपनी किस्मत खुद बदल सकते हैं. संदीप की इच्छा है कि इस बार उनके बाग में तैयार हुए शुरुआती मियाजाकी आम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय कृषि मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट किए जाएं. इन बेशकीमती आमों की सुरक्षा के लिए पूरे बाग की विशेष तारबंदी की गई है और सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे भी इंस्टॉल किए गए हैं.
आज संदीप चौधरी के बाग में छह से सात फीट ऊंचे पेड़ों पर लटके चमकदार मियाजाकी आम यह साफ संदेश दे रहे हैं कि यदि दृढ़ संकल्प और आधुनिक तकनीक का मेल हो, तो भारत का किसान न केवल आत्मनिर्भर बन सकता है, बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी सफलता का परचम भी लहरा सकता है.

