Gorakhpur Rapti River : उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए योगी सरकार ने राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं. इसी क्रम में गोरखपुर के नौसढ़ स्थित रामघाट पर बाढ़ राहत दल का प्रशिक्षण और ड्यूटी चल रही थी. इसी दौरान राप्ती नदी में एक युवक ने छलांग लगा दी और गहरे पानी में डूबने लगा. मौके पर तैनात 26वीं वाहिनी पीएसी के बाढ़ राहत दल ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए मोटरबोट से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और युवक की जान बचा ली.
Gorakhpur Rapti River :राप्ती नदी में युवक ने लगाई छलांग
जानकारी के मुताबिक, संतकबीरनगर के धनघटा निवासी उमेश कुमार ने शाम करीब छह बजे नौसढ़ रामघाट से राप्ती नदी में छलांग लगा दी. नदी का पानी गहरा होने के कारण युवक कुछ ही देर में डूबने लगा. मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई.
संयोग से उसी समय 26वीं वाहिनी पीएसी, गोरखपुर के बी दल की टीम रामघाट पर बाढ़ राहत प्रशिक्षण और ड्यूटी में तैनात थी। जवानों ने युवक को नदी में डूबते देखा तो बिना समय गंवाए बचाव अभियान शुरू कर दिया।
हेड कांस्टेबल ने संभाला मोर्चा, मोटरबोट से शुरू हुआ रेस्क्यू
युवक को डूबता देख हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद ने तत्काल मोर्चा संभाला. उनके नेतृत्व में बाढ़ राहत दल मोटरबोट लेकर नदी में उतरा और डूब रहे युवक की तलाश शुरू की.
जवानों ने बेहद कम समय में युवक को खोज निकाला और उसे सुरक्षित नदी से बाहर निकाल लिया. रेस्क्यू के बाद युवक को आवश्यक कार्रवाई के लिए स्थानीय पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया. बताया गया कि बाद में उसकी स्थिति सामान्य रही.
इन जवानों ने निभाई अहम भूमिका
इस साहसिक रेस्क्यू अभियान में हेड कांस्टेबल महात्म प्रसाद के साथ कांस्टेबल संजय कुमार गौतम, कृष्णचंद मौर्य, रमेश यादव, मनोज शुक्ला, जितेंद्र कुमार, रवि गौतम और धीरेंद्र गोंड शामिल रहे.
बाढ़ राहत दल की तत्परता, साहस और सूझबूझ की दलनायक और थाना राजघाट प्रभारी ने सराहना की. खास बात यह रही कि जिस समय जवान बाढ़ राहत अभियान के लिए प्रशिक्षण ले रहे थे, उसी प्रशिक्षण और तैयारियों का वास्तविक इस्तेमाल करते हुए उन्होंने एक युवक की जिंदगी बचा ली.
बाढ़ की चुनौती के बीच राहत-बचाव की तैयारी
उत्तर प्रदेश में मानसून के दौरान कई नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव और बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखा जा रहा है. ऐसे क्षेत्रों में मोटरबोट, बचाव उपकरण और प्रशिक्षित जवानों की उपलब्धता पर जोर दिया जा रहा है.
गोरखपुर में राप्ती नदी का रामघाट क्षेत्र भी महत्वपूर्ण संवेदनशील इलाकों में शामिल है. यहां बाढ़ राहत दल की मौजूदगी और नियमित प्रशिक्षण से किसी भी आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलती है. उमेश कुमार के रेस्क्यू की घटना इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है.

