इस्तीफे की मांग पर विपक्ष अडिग, सरकार ने दी चर्चा की चुनौती

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन भी नीट और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मुद्दे पर भारी हंगामा देखने को मिला। गतिरोध के चलते लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही देर बाद स्थगित करनी पड़ी। एक ओर जहां विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और तुरंत विस्तृत चर्चा की मांग पर अड़ा हुआ है, वहीं सरकार का कहना है कि वह हर विषय पर बहस के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से भाग रहा है।

 "विपक्ष बिना शर्त चर्चा के लिए आए"

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा:

"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कर दिया है कि युवाओं के भविष्य के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। सरकार सब कुछ रोककर चर्चा कराने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष इस्तीफे की पूर्व शर्त लगाकर सदन से भाग रहा है। शर्त थोपना यह साबित करता है कि विपक्ष का इरादा चर्चा का नहीं, सिर्फ हंगामा करने का है।"

वहीं, बीजेपी सांसद नितिन नबीन ने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि सरकार संसद के पटल पर हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विपक्ष की मांग: "पहले इस्तीफा, फिर चर्चा"

सरकार के दावों के बीच विपक्ष अपनी मांगों से पीछे हटने को तैयार नहीं है। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने स्पष्ट किया कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते, तब तक कोई सार्थक चर्चा संभव नहीं है। विपक्ष का कहना है कि केवल घोषणाओं से छात्रों का खोया भरोसा वापस नहीं आएगा।

मकर द्वार पर प्रदर्शन और पीएम का ऐलान

सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही संसद परिसर के मकर द्वार पर सरकार और विपक्ष के सांसदों ने आमने-सामने आकर नारेबाजी की। गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा की थी। हालांकि, विपक्षी सांसदों ने इस घोषणा को नाकाफी बताते हुए कहा कि जब तक राजनीतिक जवाबदेही तय नहीं होती, संसद में उनका विरोध जारी रहेगा।

Latest news

Related news