वॉशिंगटन। अमेरिका में परिवारों के आकार को लेकर एक दिलचस्प सामाजिक बदलाव सामने आ रहा है। जहां एक ओर बढ़ती महंगाई और बच्चों की परवरिश के भारी खर्च के चलते आम परिवार छोटा परिवार रखने को मजबूर हैं, वहीं देश के सबसे अमीर तबके में बड़े परिवारों का चलन तेजी से बढ़ रहा है। अब अधिक बच्चे होना आर्थिक सामर्थ्य और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक बनता जा रहा है।
अमीर परिवारों में बढ़ रहा बड़े परिवारों का चलन
आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका के शीर्ष एक प्रतिशत सबसे अमीर परिवारों में से करीब आधे परिवारों के तीन या उससे अधिक बच्चे हैं। इसके विपरीत, कम आय वाले समूहों में यह अनुपात लगभग 40 से 43 प्रतिशत ही है। दुनिया के जाने-माने अरबपतियों में भी यह प्रवृत्ति साफ दिखाई देती है, जैसे एलन मस्क, जेफ बेजोस और मार्क जुकरबर्ग जैसे दिग्गजों के कई बच्चे हैं। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि संपन्न लोगों के लिए बड़ा परिवार अब एक 'स्टेटस सिंबल' का रूप ले चुका है।
बच्चों की परवरिश का भारी खर्च और घटती जन्म दर
एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका में एक बच्चे को जन्म से 18 वर्ष की आयु तक पालने में औसतन करीब तीन करोड़ रुपये का खर्च आता है, जिसमें शुरुआती पांच वर्षों में खर्च सबसे अधिक होता है। आर्थिक रूप से मजबूत वर्ग इस भारी-भरकम खर्च को आसानी से वहन कर लेता है, जबकि मध्यम और गरीब वर्ग के लिए यह कठिन होता जा रहा है। हालांकि अमेरिका में समग्र रूप से जन्म दर में गिरावट आई है और करीब 44 प्रतिशत गैर-माता-पिता भविष्य में बच्चे पैदा करने के इच्छुक नहीं हैं, लेकिन अमीर वर्ग इस सामान्य प्रवृत्ति से अछूता नजर आ रहा है।

