बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने की कोशिश पर सख्ती? सैकड़ों के वीजा रद्द

वॉशिंगटन। अमेरिका ने 'बर्थ टूरिज्म' के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई को और तेज करते हुए 600 से अधिक विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े और नेटवर्क पर नकेल कसने के लिए एक विशेष 'बर्थ टूरिज्म प्रिवेंशन टास्क फोर्स' का गठन किया गया है, जो मुख्य रूप से केवल बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से अमेरिका आने वाले विदेशी नागरिकों और इस तरह की यात्राओं को स्पॉन्सर या आयोजित करने वाले गिरोहों पर सीधी नजर रख रही है।

टास्क फोर्स की कड़ी निगरानी और जांच प्रक्रिया

विदेश विभाग की यह टास्क फोर्स होमलैंड सिक्योरिटी विभाग तथा अन्य संघीय जांच एजेंसियों के साथ मिलकर दुनिया भर के वीजा धारकों के यात्रा इतिहास, गतिविधियों और दस्तावेजों का गहराई से विश्लेषण कर रही है। इस जांच का मुख्य उद्देश्य बर्थ टूरिज्म से जुड़े मामलों का पता लगाकर तत्काल प्रभाव से वीजा निरस्त करना और इस तरह के अवैध सिंडिकेट को जड़ से खत्म करना है।

राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश के बाद सख्त कदम

अमेरिकी विदेश विभाग ने स्पष्ट किया है कि वीजा रद्द करने की कार्रवाई तब की जाती है जब किसी व्यक्ति के वीजा नियमों के उल्लंघन या अयोग्य होने के प्रमाण मिलते हैं। विदेश मंत्री मार्को रुबियो को वीजा रद्द करने के व्यापक अधिकार दिए गए हैं। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 6 अगस्त को जारी किए गए कार्यकारी आदेश के तहत शुरू की गई है, जिसमें गैर-प्रवासी वीजा पर केवल अमेरिका में बच्चे को जन्म देने के इरादे से आने वाली गतिविधियों को सख्ती से परिभाषित किया गया है।

बिजनेस मॉडल बना 'बर्थ टूरिज्म' का नेटवर्क

प्रशासन का दावा है कि कुछ गिरोहों ने बर्थ टूरिज्म को एक बेहद मुनाफे वाले कारोबार में तब्दील कर दिया है। ये नेटवर्क ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए अमेरिकी नागरिकता का लालच देते हैं और खुद को वेलनेस सलाहकार या दाई बताकर अस्पतालों और वीजा की सेटिंग कराते हैं। जांच में सामने आया है कि ये नेटवर्क मेडिकल रिपोर्ट्स से छेड़छाड़ करने, अधिकारियों से अमेरिका आने का वास्तविक मकसद छिपाने और अस्पताल का बिल चुकाए बिना भाग जाने के तरीके भी सिखाते थे।

जांच में बेनकाब हुए दो बड़े मामले

अधिकारियों ने उदाहरण देते हुए बताया कि एक विदेशी महिला सरकारी अधिकारी ने महज एक हफ्ते की आधिकारिक यात्रा का वीजा लिया था, लेकिन वह करीब तीन महीने अमेरिका में रुकी और बच्चे को जन्म देकर वापस लौटी। एक अन्य मामले में एक महिला यात्री ने ऑरलैंडो घूमने का वीजा लिया, पर वह लॉस एंजिलिस उतरकर आने के मात्र पांच दिन बाद ही मां बन गई। नियमों के उल्लंघन के चलते दोनों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं।

गौरतलब है कि अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन (1868) के तहत देश की धरती पर जन्म लेने वाले बच्चे को जन्मजात नागरिकता (Birthright Citizenship) का अधिकार मिलता है, जिसका दुरुपयोग रोकने के लिए यह अभियान छेड़ा गया है।

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