वॉशिंगटन: अमेरिका में आगामी फॉल शैक्षणिक सत्र शुरू होने में अब कुछ ही हफ्तों का समय बचा है, जिससे समय पर छात्र-वीजा स्लॉट न मिल पाने के कारण भारतीय विद्यार्थियों सहित हजारों अंतरराष्ट्रीय छात्र भारी संकट का सामना कर रहे हैं। इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए 30 अमेरिकी सीनेटरों ने एकजुट होकर विदेश विभाग (State Department) को पत्र लिखा है और F, M तथा J श्रेणियों के स्टूडेंट और एक्सचेंज वीजा की प्रोसेसिंग में हो रही अत्यधिक देरी पर जवाब तलब किया है।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो से पूछे तीखे सवाल
सीनेटर एलेक्स पाडिला के नेतृत्व में 30 सीनेटरों ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजे पत्र में बताया कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी दूतावासों में अपॉइंटमेंट की भारी किल्लत है। सीनेटरों ने सवाल उठाया है कि आखिर इंटरव्यू अपॉइंटमेंट का आवंटन किस आधार पर किया जा रहा है और क्या विदेश विभाग ने छात्र व एक्सचेंज वीजा आवेदकों की प्राथमिकता घटा दी है? उन्होंने आशंका जताई कि इस प्रशासनिक ढिलाई के कारण हजारों छात्र समय पर अमेरिका पहुंचकर अपनी पढ़ाई शुरू करने से वंचित हो सकते हैं।
सीनेटरों की प्रमुख मांगें और भारतीय छात्रों पर असर
अमेरिकी सांसदों ने मांग की है कि पुराने और जांचे-परखे छात्रों के लिए इंटरव्यू छूट (इंटेरव्यू वेवर) की व्यवस्था का दायरा बढ़ाया जाए, दूतावासों में पर्याप्त स्टाफ तैनात किया जाए और पारदर्शिता लाने के लिए प्रोसेसिंग समय का डेटा साझा किया जाए। उल्लेखनीय है कि शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में करीब 3.6 लाख भारतीय छात्र अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे, ऐसे में फॉल 2026 सत्र के लिए वीजा स्लॉट न मिलना भारतीय युवाओं की चिंताओं को बढ़ा रहा है। इमिग्रेशन विशेषज्ञों के अनुसार, कर्मचारियों की कमी और सोशल मीडिया जांच जैसी सख्त प्रक्रियाओं के कारण स्थिति विकट हुई है।

