एयर इंडिया फ्लाइट मामले में जांच तेज, सभी पायलटों के डोप टेस्ट का फैसला

नई दिल्ली। एअर इंडिया की फुकेत-दिल्ली उड़ान (AI 2379) में हवा में अचानक आए तीव्र झटके (टर्बुलेंस) के मामले की जांच में बड़ी अपडेट सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की अंतरिम जांच रिपोर्ट एक महीने के भीतर जारी होने की उम्मीद है। थाइलैंड से दिल्ली आ रहा यह विमान 36,000 फीट की ऊंचाई पर अचानक करीब 300 फीट नीचे गिर गया था, जिससे उसमें सवार लगभग 24 यात्री घायल हो गए थे।

जांच में तेजी और साक्ष्यों की सुरक्षा

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एएआईबी ने इस मामले की जांच को प्राथमिकता पर रखा है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व की घटनाओं के विपरीत इस मामले में सभी तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध हैं:

  • ब्लैक बॉक्स सुरक्षित: विमान के 'फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर' (FDR) और 'कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर' (CVR) को सुरक्षित कर लिया गया है, जिनके डेटा का तेजी से विश्लेषण किया जा रहा है।

  • मेडिकल और बयान दर्ज: क्रू मेंबर्स के मेडिकल रिकॉर्ड और बयानों को जुटाने की प्रक्रिया जारी है, जिससे अंतिम निष्कर्ष पर जल्दी पहुँचा जा सके।

पायलट के डोप टेस्ट में मारिजुआना की पुष्टि

जांच के दौरान एक बेहद गंभीर तथ्य उजागर हुआ है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, फुकेत से दिल्ली उड़ान लाने वाले मुख्य पायलट का दिल्ली पहुँचने के बाद किया गया डोप टेस्ट पॉजिटिव आया।

  • दो बार पॉजिटिव आया टेस्ट: शुरुआती स्क्रीनिंग पॉजिटिव आने के बाद पुनः पुष्टि के लिए दूसरा टेस्ट किया गया, जिसमें भी नतीजा पॉजिटिव ही रहा।

  • पदार्थ की पहचान: लैब जांच से पुष्टि हुई है कि मुख्य पायलट ने 'मारिजुआना' (वीड) जैसे साइकोएक्टिव पदार्थ का सेवन किया हुआ था।

डीजीसीए की फटकार और एयरलाइन का सख्त कदम

विमानन नियामक (DGCA) और नागर विमानन मंत्रालय ने इस लापरवाही को लेकर एअर इंडिया प्रबंधन को सख्त फटकार लगाते हुए अपने परिचालन मानकों में सुधार करने के निर्देश दिए हैं:

  • 5,000 से अधिक पायलटों की जांच: इस घटना के बाद एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने फैसला किया है कि वे अपने सभी 5,000 से अधिक पायलटों की साइकोएक्टिव पदार्थों की गहन जांच (ड्रग टेस्ट) कराएंगे।

  • कड़े नियमों का प्रावधान: क्रू मेंबर्स में नशीले पदार्थों के सेवन की प्रवृत्ति को पूरी तरह रोकने के लिए नियामक और एयरलाइन स्तर पर अधिक कठोर नियम और दंडात्मक प्रावधान लागू किए जा रहे हैं।

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