वॉशिंगटन: अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) द्वारा अपने अधिकारियों के लिए इलेक्ट्रिक शॉक देने वाले दस्ताने खरीदने की योजना पर विवाद खड़ा हो गया है। गृह सुरक्षा विभाग (DHS) द्वारा 2 करोड़ डॉलर (लगभग 167 करोड़ रुपये) तक की लागत से 'GLOVE' नामक डिवाइस खरीदने के फैसले का नागरिक अधिकार संगठनों और डेमोक्रेटिक नेताओं ने कड़ा विरोध किया है। आलोचकों ने चेतावनी दी है कि आव्रजन कार्रवाइयों के दौरान ऐसे हथियारों का दुरुपयोग बढ़ सकता है और इससे आम लोगों को गंभीर नुकसान पहुंचेगा।
क्या हैं 'इलेक्ट्रिक शॉक ग्लव्स'?
दिखने में सामान्य चमड़े के दस्तानों जैसे लगने वाले ये 'जनरेटेड लो आउटपुट वोल्टेज एमिटर' (GLOVE) बटन दबाते ही 380 वोल्ट तक का बिजली का झटका दे सकते हैं। टैसर के विपरीत, त्वचा के सीधे संपर्क में आने पर अत्यधिक तीव्र दर्द देने वाले ये दस्ताने कोई निशान या घाव नहीं छोड़ते। अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) ने इसे दर्द पहुंचाने का "छिपा हुआ साधन" करार दिया, वहीं न्यूयॉर्क की अटॉर्नी जनरल लेटिशिया जेम्स ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों ने इन दस्तानों का दुरुपयोग किया, तो उन्हें गंभीर आपराधिक व नागरिक कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा।
सुरक्षा का तर्क और दुरुपयोग का डर
डीएचएस ने अपनी नीति का बचाव करते हुए कहा कि मैदान में तैनात अधिकारियों को अवैध प्रवासियों को सुरक्षित रूप से हिरासत में लेने के लिए उपयुक्त उपकरणों की आवश्यकता होती है। हालांकि, केंटकी की एक जेल में 2024 में एक व्यक्ति को इन दस्तानों से बार-बार झटके दिए जाने के बाद हुई मौत का मामला चिंता बढ़ा रहा है। निर्माता कंपनी ने खुद स्पष्ट किया है कि इनका उपयोग गर्भवती महिलाओं, बच्चों या बुजुर्गों पर नहीं किया जाना चाहिए। इसके बावजूद, पूर्व अधिकारियों ने आशंका जताई है कि इन गुप्त उपकरणों का प्रयोग अनुचित बल प्रयोग और यातना के लिए किया जा सकता है।

