अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर के लिए चुनौती बनी चीन की घातक मिसाइलें

बीजिंग। चीन की डीएफ-26बी कैरियर किलर मिसाइल एक बार फिर वैश्विक रक्षा हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। हाल ही में जारी एक नए वीडियो में इस मिसाइल को रेगिस्तानी क्षेत्र में निर्मित एक विशाल जहाज जैसे ढांचे पर सटीक निशाना साधते हुए दिखाया गया है। डीएफ-26 श्रृंखला की यह जमीन से दागी जाने वाली मिसाइल लगभग 4,000 किलोमीटर की मारक क्षमता रखती है, जिसे अमेरिकी सैन्य अड्डों और यूएसएस जेराल्ड फोर्ड, यूएसएस जॉर्ज वॉशिंगटन तथा यूएसएस लिंकन जैसे विशाल विमानवाहक पोतों के लिए गंभीर सामरिक चुनौती माना जा रहा है।

मोबाइल लॉन्चर और दोहरे वॉरहेड की क्षमता

सड़क पर चलने वाले मोबाइल लॉन्चर से दागे जाने की सुविधा और पारंपरिक तथा परमाणु दोनों प्रकार के वॉरहेड ले जाने में सक्षम होने के कारण इस मिसाइल का पता लगाना और इसे हवा में नष्ट करना बेहद मुश्किल माना जाता है। रूसी सैन्य विशेषज्ञों का आकलन है कि यह मिसाइल अमेरिकी नौसेना के बेड़ों को भारी क्षति पहुंचाने की क्षमता रखती है।

स्थिर लक्ष्य बनाम गतिमान विमानवाहक पोत की चुनौती

हालांकि, रक्षा विश्लेषकों का तर्क है कि मरुस्थल में किसी स्थिर ढांचे पर हमला करने और खुले समंदर में तीव्र गति से चल रहे एक लाख टन वजनी विमानवाहक पोत को भेदने में बड़ा अंतर होता है। इस कार्य के लिए अत्याधुनिक उपग्रह निगरानी, उन्नत रडार तंत्र और री-एंट्री व्हीकल जैसी तकनीक की जरूरत होती है जो अंतिम क्षणों में मिसाइल को दिशा बदलने में मदद करे। इसके जवाब में अमेरिकी नौसेना के पास भी अपने स्ट्राइक ग्रुप में एजिस कॉम्बैट सिस्टम तथा एस.एम.-3 व एस.एम.-6 जैसी आधुनिक इंटरसेप्टर मिसाइलों से लैस युद्धपोत और पनडुब्बियां मौजूद हैं।

रणनीतिक निरोध और हिंद-प्रशांत में नया शक्ति संतुलन

इस मिसाइल का मुख्य सामरिक उद्देश्य केवल किसी पोत को नष्ट करना मात्र नहीं है, बल्कि अमेरिकी विमानवाहक पोतों को चीनी तटरेखा के समीप आने से रोकना है। लंबी दूरी की इस एंटी-शिप क्षमता के कारण अमेरिकी नौसेना को अपनी परिचालन रणनीति बदलते हुए चीनी तटों से अधिक दूरी पर रहने को मजबूर होना पड़ सकता है, जिससे उनके लड़ाकू विमानों की मारक सीमा प्रभावित होगी। यह मिसाइल अमेरिकी नौसैनिक प्रभुत्व को चुनौती देने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम करने की चीन की वृहद रणनीति का एक अहम हिस्सा है।

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