चंडीगढ़। परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के ग्यारह दिन बीत जाने के बावजूद प्रशासनिक और राजनीतिक गतिरोध लगातार बना हुआ है। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल और इंसाफ कमेटी के बीच शुक्रवार को हुई तीसरे दौर की बैठक भी बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई। इस बीच शनिवार को मृतक के पिता ने एक नया कदम उठाते हुए सरकार के समक्ष मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा को उनके पद से हटाने की कड़ी मांग रखी है, जिससे मामला और तूल पकड़ता जा रहा है।
बैठक में बनी असहमति और कमेटी की नई मांगें
हालिया बैठक के दौरान इंसाफ कमेटी ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे की अपनी प्रमुख मांग पर अड़े रहने का स्पष्ट संदेश दिया। हालांकि विशेष जांच दल ने इस मांग को अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर का विषय बताया, जिसके जवाब में कमेटी ने मांग की कि सरकार की ओर से ऐसे उच्चाधिकारियों को चर्चा के लिए भेजा जाए जिनके पास ये मांगें पूरी करने का अधिकार हो। हालांकि जांच दल ने परिवार और कमेटी की अन्य बारह मांगों को स्वीकार करने का पूर्ण आश्वासन जरूर दिया है, परंतु शीर्ष अधिकारियों के इस्तीफे के बिंदु पर पेच फंसा हुआ है।
आगामी प्रदर्शन की चेतावनी और राजनीतिक सरगर्मी
प्रशासन के साथ बातचीत विफल होने के बाद इंसाफ कमेटी ने अपने संघर्ष को और अधिक तीव्र करने का ऐलान किया है। इसके तहत कमेटी आगामी पच्चीस अक्टूबर को पूरे राज्य में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी। इसके अलावा ख्याला क्षेत्र में प्रस्तावित ट्रॉमा सेंटर का नामकरण परविंदर झोटा के नाम पर करने की मांग भी उठाई गई है, जिस पर प्रशासन का कहना है कि अस्पताल के निर्माण कार्य के पश्चात ही इस पर विचार किया जा सकता है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों का आना-जाना भी लगातार जारी है।

