महिला की सतर्कता से टली बड़ी घटना, बिना बुकिंग पहुंचे शख्स को भगाया

हैदराबाद। शहर के ऐतिहासिक चारमीनार इलाके में सतर्कता की एक बड़ी मिसाल सामने आई है। यहां एक महिला कंटेंट क्रिएटर ने फर्जी रैपिडो ड्राइवर बनकर राइड देने आए एक संदिग्ध व्यक्ति के मंसूबों को अपनी सूझबूझ से नाकाम कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग महिला की तारीफ कर रहे हैं और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

चारमीनार के पास हुई घटना

घटना शनिवार रात करीब 9 बजे की है, जब कंटेंट क्रिएटर सिद्धेश्वरी सुगंध चारमीनार के पास ऑटो का इंतजार कर रही थीं। इसी दौरान एक व्यक्ति स्कूटर पर उनके पास आया और उनसे उनके गंतव्य के बारे में पूछा। उसने खुद को रैपिडो का कैप्टन (ड्राइवर) बताकर उन्हें लिफ्ट देने की पेशकश की। महिला ने बिना देर किए उससे उसकी ड्राइवर आईडी और वाहन से जुड़े दस्तावेज दिखाने को कहा।

फर्जीवाड़े की खुली पोल

महिला की पूछताछ के दौरान संदिग्ध की पोल खुलनी शुरू हो गई। सिद्धेश्वरी ने देखा कि उस स्कूटर पर आगे या पीछे कोई नंबर प्लेट तक नहीं लगी थी। जब महिला ने उससे सख्ती से आईडी मांगी, तो वह घबरा गया। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने अपना नाम इरफान बताया, लेकिन रैपिडो ऐप या कंपनी से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज या आईडी कार्ड नहीं दिखा सका।

संदिग्ध की अजीब हरकतें और बहानेबाजी

शक होने पर महिला ने जब उससे और सवाल किए, तो उसकी अजीब हरकतें सामने आईं। ड्राइवर आईडी दिखाने के बजाय उस शख्स ने अपने मोबाइल फोन में प्ले स्टोर खोला और रैपिडो ऐप डाउनलोड करना शुरू कर दिया। उसके फोन की स्क्रीन पर ओटीपी का पेज भी नजर आ रहा था। जब महिला ने उससे तीखा सवाल किया कि जब उसका वाहन ऐप पर रजिस्टर्ड ही नहीं है, तो वह राइड ऑफर क्यों कर रहा है? इस पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और खुद को घिरता देख वहां से चुपचाप खिसक गया।

कंपनी की अपील और महिला का संदेश

सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद रैपिडो कंपनी ने तुरंत संज्ञान लिया और महिला का आभार जताया। कंपनी ने सभी यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि राइड लेने से पहले हमेशा ऐप पर ड्राइवर, वाहन का नंबर और बाकी विवरण की अच्छी तरह जांच कर लें। सफर शुरू होने से पहले मिलने वाला ओटीपी केवल सही ड्राइवर और वाहन की पहचान करने के लिए होता है। वहीं, इस पूरे मामले पर सिद्धेश्वरी सुगंध का कहना है कि उनका मकसद किसी कंपनी को बदनाम करना नहीं, बल्कि रात के समय सफर करने वाली महिलाओं और आम नागरिकों को ऐसे जालसाजों से सतर्क करना है।

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