कोलकाता| पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी 6 अक्तूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों और तत्पश्चात प्रस्तावित नगर निकाय चुनावों के दृष्टिगत अपनी मीडिया एवं प्रचार टीम का पुनर्गठन किया है। पार्टी ने पूर्व प्रदेश महासचिव सायंतन बोस तथा वरिष्ठ नेता प्रणय रॉय को पुनः आधिकारिक प्रवक्ता का दायित्व सौंपा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के दो दिवसीय पश्चिम बंगाल प्रवास से ठीक पूर्व किया गया यह संगठनात्मक परिवर्तन चुनावी समर में पार्टी के वैचारिक व राजनीतिक रुख को अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति का अंग है।
नवीन मीडिया टीम की संरचना और प्रमुख दायित्व
प्रदेश भाजपा द्वारा घोषित नवीन सांगठनिक संरचना के अंतर्गत विभिन्न मोर्चों पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं:
मुख्य प्रवक्ता: अधिवक्ता डेबजीत सरकार को प्रदेश इकाई का मुख्य प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।
संयोजक व सह-संयोजक: अनुपम घोष को मीडिया विभाग का संयोजक बनाया गया है, जबकि पार्थ सारथी चौधरी एवं चंद्रशेखर बसुतिया को संयुक्त संयोजक का दायित्व सौंपा गया है।
प्रवक्ता मंडल: रितेश तिवारी, सायंतन बोस, केया घोष, प्रणय रॉय, डॉ. तन्मय मुखोपाध्याय, सप्तर्षि चौधरी (प्रकाशन दायित्व सहित), ओफेलिया सिंह, अंकन दत्ता, मेघा सेन रॉय, डॉ. निखिल प्रसून सिंह, शमिक दासगुप्ता, सुदीप्ता गुहा और सेवानिवृत्त मेजर ऋत्विक पाल को प्रवक्ता मंडल में सम्मिलित किया गया है।
डिजिटल एवं सोशल मीडिया विंग का पुनर्गठन
पारंपरिक मीडिया के साथ-साथ डिजिटल मोर्चे पर भी नवीन नियुक्तियां की गई हैं। जॉय मलिक को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेल का प्रमुख नियुक्त किया गया है, जबकि उपमन्यु भट्टाचार्य को सोशल मीडिया विभाग की कमान सौंपी गई है। सांगठनिक संदेशों के तीव्र एवं सटीक संप्रेषण हेतु मीडिया, आईटी और सोशल मीडिया विभागों का पृथक प्रभार तय किया गया है।
नितिन नबीन के प्रवास और प्रादेशिक नेतृत्व की भूमिका
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 15 सितंबर से राज्य के दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद सामिक भट्टाचार्य के नेतृत्व में जारी सांगठनिक तैयारियों तथा चुनावी रणनीतियों की विस्तृत समीक्षा करेंगे। सामिक भट्टाचार्य के प्रदेश नेतृत्व संभालने के उपरांत प्रादेशिक संगठन की यह प्रथम बड़ी समीक्षा बैठक होगी। इससे पूर्व पिछले सप्ताह प्रदेश कार्यकारिणी का विस्तार कर वरिष्ठ नेताओं को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई थीं।
आगामी चुनावी चुनौतियां
पश्चिम बंगाल में 6 अक्तूबर को नंदीग्राम एवं रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं, जिसके उपरांत नगर निकाय चुनाव आयोजित किए जाएंगे। मई में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में मिली सफलता के उपरांत पार्टी के समक्ष अपनी राजनीतिक बढ़त को बनाए रखने तथा उसे जमीनी धरातल पर सुदृढ़ करने की चुनौती है। अनुभवी नेताओं को मीडिया अग्रिम पंक्ति में लाने तथा डिजिटल तंत्र को सशक्त करने के इस कदम को चुनावी तैयारियों के महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है।

