हैदराबाद: तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के 1,000 दिन का कार्यकाल पूरा होने के विरोध में सोमवार को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने विधानसभा के बाहर आक्रामक प्रदर्शन किया। काली टी-शर्ट पहनकर विधानसभा परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (केटीआर), वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव सहित कई विधायकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बीआरएस नेताओं ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार चुनाव से पूर्व किए गए 420 वादों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है।
विधानसभा के मुख्य द्वार पर हंगामा और विधायकों की गिरफ्तारी
काली पोशाक पहनकर पहुंचे बीआरएस विधायकों को जब सुरक्षाकर्मियों ने मुख्य द्वार पर रोक दिया, तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई। विधायकों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। इसके पश्चात पुलिस ने कार्रवाई करते हुए केटीआर और हरीश राव को अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ हिरासत में लेकर स्थानीय पुलिस स्टेशनों में भेज दिया। इस दौरान पार्टी विधायक सुनीता लक्ष्मा रेड्डी भावुक नजर आईं, वहीं प्रदर्शन के चलते विधानसभा के बाहर मुख्य मार्ग पर करीब 40 मिनट तक भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रही।
गनपार्क से शुरू हुआ विरोध, केटीआर ने बोला कांग्रेस पर हमला
विधानसभा की ओर कूच करने से पूर्व बीआरएस नेताओं ने गनपार्क में एकत्र होकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। नेताओं ने जो काली टी-शर्ट पहनी थीं, उन पर सरकार के विफल शासन से जुड़े नारे अंकित थे। मीडिया से बातचीत में केटीआर ने कहा कि कांग्रेस ने 100 दिनों के भीतर गारंटी लागू करने के लिखित बॉन्ड पेपर दिए थे, लेकिन 1,000 दिन बीत जाने के बाद भी एक भी वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि बीआरएस प्रमुख के. चंद्रशेखर राव (केसीआर) ने उन्हें सदन में जनहित के मुद्दों पर सरकार को पूरी मजबूती से घेरने का स्पष्ट निर्देश दिया था।
भाजपा का भी प्रदर्शन, प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव भी हिरासत में
एक तरफ जहां बीआरएस सरकार की विफलताओं के खिलाफ सड़कों पर उतरी, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भी राज्य सरकार के विरोध में मोर्चा खोला। छात्रों की लंबित ट्यूशन फीस प्रतिपूर्ति और छात्रवृत्ति की बकाया राशि जारी करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंदर राव और अन्य नेताओं को भी हैदराबाद पुलिस ने विधानसभा परिसर के बाहर से हिरासत में ले लिया।

