Asian Games 2026 India : भारत के एथलीट्स एशियन गेम्स 2026 में ट्रैक एंड फील्ड स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. सोमवार, 28 सितंबर को गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल अपने नाम किया, वहीं महिला धाविका विथ्या रामराज ने 400 मीटर बाधा दौड़ में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. विथ्या ने 54.75 सेकेंड का समय निकालकर पीटी उषा के 42 साल पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.
Asian Games 2026 India :गुलवीर सिंह ने 1500 मीटर में जीता रजत पदक
भारत के लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया.गुलवीर ने यह रेस 3 मिनट 36.72 सेकेंड में पूरी की. यह उनके करियर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा.
इस स्पर्धा में जापान के कजुतो इइजावा ने 3 मिनट 36.35 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता.
जापान के ही नागिया मोरी ने 3 मिनट 37.92 सेकेंड में रेस पूरी कर कांस्य पदक हासिल किया.
गुलवीर ने अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के दम पर पोडियम पर जगह बनाई. स्वर्ण पदक के लिए उनका मुकाबला बेहद करीबी रहा. गोल्ड और सिल्वर मेडल विजेताओं के बीच महज 0.37 सेकेंड का अंतर रहा.
खिलाड़ी | देश | समय | पदक |
|---|---|---|---|
कजुतो इइजावा | जापान | 3:36.35 | स्वर्ण |
गुलवीर सिंह | भारत | 3:36.72 | रजत |
नागिया मोरी | जापान | 3:37.92 | कांस्य |
विथ्या रामराज ने 54.75 सेकेंड में पूरी की रेस
महिला वर्ग की 400 मीटर बाधा दौड़ में विथ्या रामराज ने 54.75 सेकेंड का समय निकालकर कांस्य पदक जीता. इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया और भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड कायम किया.
विथ्या की रेस में निरंतरता और गति देखने को मिली. उन्होंने अंतिम चरण तक अपनी चुनौती बनाए रखी और तीसरे स्थान पर रहते हुए रेस पूरी की. हालांकि वह स्वर्ण पदक से चूक गईं, लेकिन उनका प्रदर्शन राष्ट्रीय रिकॉर्ड के लिहाज से ऐतिहासिक रहा.
इस स्पर्धा में संयुक्त अरब अमीरात की मरियम करीम ने 54.31 सेकेंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता. कजाखिस्तान की एडेलिना जेम्स ने 54.58 सेकेंड में रेस पूरी कर रजत पदक हासिल किया.
खिलाड़ी | देश | समय | पदक |
|---|---|---|---|
मरियम करीम | UAE | 54.31 सेकेंड | स्वर्ण |
एडेलिना जेम्स | कजाखस्तान | 54.58 सेकेंड | रजत |
विथ्या रामराज | भारत | 54.75 सेकेंड | कांस्य |
पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड कैसे टूटा?
भारतीय एथलेटिक्स की दिग्गज धाविका पीटी उषा ने 1984 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में 55.42 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था. यह रिकॉर्ड लंबे समय तक कायम रहा.
28 सितंबर 2026 को विथ्या रामराज ने 54.75 सेकेंड का समय निकालकर इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. दोनों समय के बीच 0.67 सेकेंड का अंतर है. ट्रैक एंड फील्ड की प्रतिस्पर्धा में सेकेंड का यह अंतर भी बेहद महत्वपूर्ण होता है.
विथ्या का प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने एशियन गेम्स जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर यह उपलब्धि हासिल की. राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने के साथ उन्होंने भारत के लिए कांस्य पदक भी जीता.
पीटी उषा का नाम भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण रहा है. ऐसे में उनके लंबे समय से कायम रिकॉर्ड को तोड़ना विथ्या के करियर की बड़ी उपलब्धियों में शामिल हो गया है.
विथ्या रामराज का एशियन गेम्स में दूसरा पदक
विथ्या रामराज के लिए 28 सितंबर का दिन दोहरी खुशी लेकर आया. 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीतने से पहले वह 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले टीम का हिस्सा रहते हुए रजत पदक भी जीत चुकी हैं.
मिक्स्ड रिले में भारतीय टीम ने सामूहिक प्रदर्शन के दम पर दूसरा स्थान हासिल किया था. इस तरह विथ्या के खाते में इन खेलों में अब दो पदक हो गए हैं.
एशियन गेम्स 2026 में भारत की पदक तालिका
गुलवीर सिंह और विथ्या रामराज की उपलब्धियों के साथ एशियन गेम्स में भारत के पदकों की संख्या में भी इजाफा हुआ. भारत का कुल पदक आंकड़ा 41 तक पहुंच गया है. इसमें चार स्वर्ण पदक शामिल हैं, जबकि बाकी पदक रजत और कांस्य श्रेणी के हैं.
28 सितंबर को उपलब्ध एक पदक तालिका अपडेट में भारत के खाते में 4 गोल्ड, 17 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज सहित कुल 39 पदक दर्ज थे.
भारतीय एथलेटिक्स के लिए यादगार दिन
गुलवीर सिंह का 1500 मीटर में रजत पदक और विथ्या रामराज का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ने वाला कांस्य पदक भारत के लिए दो अहम उपलब्धियां हैं. गुलवीर ने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया, जबकि विथ्या ने चार दशक पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़कर नया इतिहास रचा.
विथ्या की उपलब्धि ने एक बार फिर दिखाया कि भारतीय एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करते हुए नए मानक स्थापित कर रहे हैं. वहीं गुलवीर का प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि बेहद करीबी मुकाबले में भी व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय पदक तक पहुंचा सकता है.

