पत्रकार से चर्चा में कहा—राजस्व जुटाना, नियमों का पालन और पारदर्शिता पूरी व्यवस्था की सामूहिक जिम्मेदारी
आश्चर्य 200 बार जालसाजी करने वाले व्यक्ति की बात सुन कर आपने मुझ पर भ्रष्टाचार से जुड़े सवालों की बौछार कर दी
भोपाल । शराब ठेकों के बदले एक करोड़ रुपये लेने के आरोपों को लेकर डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा के ओएसडी एवं तत्कालीन सहायक आबकारी आयुक्त दीपम्म रायचूरा ने आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि किसी आरोपी के बयान को बिना जांच के अंतिम सच नहीं माना जा सकता। मामले की वास्तविकता तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही सामने आनी चाहिए।
पत्रकार और दीपम्म रायचूरा के बीच सवाल-जवाब
पत्रकार : मोहित गोगिया के बयान में शराब ठेके के बदले एक करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया गया है। आपका क्या कहना है?
_दीपम्म रायचूरा:_ मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं। किसी आरोपी के बयान को बिना जांच के अंतिम सच नहीं माना जा सकता। निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही वास्तविक स्थिति सामने आएगी।
पत्रकार : क्या शराब ठेकों की प्रक्रिया में केवल एक अधिकारी की जिम्मेदारी होती है?
_दीपम्म रायचूरा:_ नहीं, ठेकों की प्रक्रिया में आबकारी विभाग, कलेक्ट्रेट, बैंक और अन्य संबंधित स्तरों पर अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारियां होती हैं। दस्तावेजों और निर्धारित औपचारिकताओं की जांच इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
पत्रकार : क्या आबकारी विभाग का लक्ष्य केवल राजस्व जुटाना है?
_दीपम्म रायचूरा:_ सरकारी खजाने को मजबूत करना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ नियमों का पालन और पारदर्शिता भी जरूरी है। यह पूरी व्यवस्था की सामूहिक जिम्मेदारी है, केवल किसी एक अधिकारी की नहीं।
पत्रकार : इस मामले में आगे क्या होना चाहिए?
_दीपम्म रायचूरा :_ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आरोप सही हैं या गलत, इसका फैसला साक्ष्यों के आधार पर होना चाहिए।

