शहडोल: शहडोल मेडिकल कॉलेज में एक महिला ने सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) के जरिए एक साथ तीन स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है। नवजातों में दो बेटियां और एक बेटा शामिल है। चूँकि तीनों बच्चों का जन्म के समय वजन एक किलोग्राम के आसपास या उससे कुछ कम है, इसलिए एहतियात के तौर पर उन्हें विशेष निगरानी के लिए एसएनसीयू (SNCU) में रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल माँ और तीनों बच्चे पूरी तरह स्वस्थ हैं और उनकी स्थिति खतरे से बाहर है। मेडिकल कॉलेज के इतिहास में एक साथ तीन बच्चों के सामान्य प्रसव का यह अपने आप में पहला मामला बताया जा रहा है।
दस मिनट के भीतर हुआ तीनों नवजातों का जन्म
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहडोल जिले के सोहागपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पतासी की रहने वाली 20 वर्षीय प्रीति कोल, पत्नी कृष्ण कुमार, को प्रसव पीड़ा के बाद शहडोल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहाँ अस्पताल के डॉक्टरों की कुशल देखरेख में 8 अक्टूबर को उन्होंने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया। मेडिकल रिकॉर्ड के मुताबिक, महज 10 मिनट के भीतर ही तीनों नवजातों का जन्म हो गया था। इन तीनों बच्चों में पहली और तीसरी संतान बेटियां हैं, जबकि बीच की यानी दूसरी संतान बेटा है। समय से पहले जन्म होने और वजन कम होने के कारण इन तीनों को विशेष चिकित्सा देखरेख के लिए स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में रखा गया है।
चिकित्सकों ने बताया एक दुर्लभ मामला
मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. सोना सिंह के अनुसार, एक साथ तीन बच्चों का प्राकृतिक रूप से जन्म होना एक बेहद दुर्लभ घटना है। उन्होंने बताया कि चिकित्सीय तौर पर लगभग 8 से 10 हजार मामलों में ऐसा केवल एक मामला सामने आने की बात कही जाती है। इसके साथ ही, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉ. नागेंद्र सिंह ने भी इस घटना को एक दुर्लभ और आश्चर्यजनक मामला करार दिया है।
माँ और बच्चे पूरी तरह सुरक्षित
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, फिलहाल माँ और तीनों नवजात शिशु पूरी तरह खतरे से बाहर हैं और तेजी से स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। एक साथ तीन बच्चों के इस दुनिया में आने से पूरे परिवार में जबरदस्त खुशी का माहौल है। शहडोल मेडिकल कॉलेज में सामान्य प्रसव के जरिए हुए इस अनोखे प्रसव की चर्चा इस समय पूरे क्षेत्र में बनी हुई है।

